विदेश की खबरें | कन्नड़ लघु कथा संग्रह ‘हृदय दीप’ के अनूदित संस्करण को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील बानू मुश्ताक के कन्नड़ लघु कथा संग्रह ‘हृदय दीप’ के अनूदित संस्करण ‘हार्ट लैंप’ को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहली कन्नड़ कृति है जिसे 50,000 पाउंड के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।

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लंदन/बेंगलुरु, 21 मई लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील बानू मुश्ताक के कन्नड़ लघु कथा संग्रह ‘हृदय दीप’ के अनूदित संस्करण ‘हार्ट लैंप’ को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहली कन्नड़ कृति है जिसे 50,000 पाउंड के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मुश्ताक ने मंगलवार रात लंदन के ‘टेट मॉडर्न’ में एक समारोह में अपनी इस रचना की अनुवादक दीपा भास्ती के साथ पुरस्कार प्राप्त किया। दीपा भास्ती ने इस किताब का कन्नड़़ से अंग्रेजी में अनुवाद किया था।

मुश्ताक ने कहा, ‘‘यह पल ऐसा लगता है जैसे हजारों जुगनू एक ही आकाश को रोशन कर रहे हों...।’’

मुश्ताक की 12 लघु कहानियों का यह संग्रह दक्षिण भारत के पितृसत्तात्मक समुदाय में हर दिन महिलाओं के लचीले रुख, प्रतिरोध और उनकी हाजिरजवाबी का वर्णन करता है, जिसे मौखिक कहानी कहने की समृद्ध परंपरा के माध्यम से जीवंत रूप दिया गया है।

पुरस्कार हासिल करने के बाद मुश्ताक (77) ने कहा, ‘‘हम व्यक्तिगत रूप से और एक वैश्विक समुदाय के रूप में तभी फल-फूल सकते हैं जब हम विविधता को अपनाते हैं, अपने मतभेदों का जश्न मनाते हैं और एक-दूसरे को आगे बढ़ाते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘साथ मिलकर हम एक ऐसी दुनिया बनाते हैं, जहां हर आवाज सुनी जाती है, हर कहानी मायने रखती है और हर व्यक्ति का अपना स्थान होता है।’’

‘हार्ट लैंप’ यह पुरस्कार प्राप्त करने वाला पहला लघु कथा संग्रह भी है। इसमें मुश्ताक की 1990 से लेकर 2023 तक 30 साल से अधिक समय में लिखी कहानियां हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह किताब इस विश्वास से पैदा हुई है कि कोई भी कहानी कभी छोटी नहीं होती और मानवीय अनुभव के ताने-बाने में बुना गया हर धागा पूरी कहानी का भार उठाता है।’’

छह लघु कहानी संग्रह, एक उपन्यास, एक निबंध संग्रह और एक कविता संग्रह की लेखिका मुश्ताक केवल कन्नड़ में लिखती हैं और उन्होंने अपने साहित्यिक कार्यों के लिए कर्नाटक साहित्य अकादमी और दाना चिंतामणि अत्तिमब्बे पुरस्कार समेत प्रमुख पुरस्कार हासिल किये हैं।

किताब के रूप में ‘‘हार्ट लैंप’’ मुश्ताक की कृति का अंग्रेजी में पहला अनुवाद है।

यह दूसरा मौका है जब किसी भारतीय की अनूदित किताब के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला है। वर्ष 2022 में कथाकार गीतांजलि श्री के हिंदी उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अनुवादित संस्करण ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ को यह पुरस्कार मिला था। ‘रेत समाधि’ का अंग्रेजी में अनुवाद डेजी रॉकवेल ने किया था।

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