देश की खबरें | कनेरिया ने पाक प्रधानमंत्री पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर ‘आतंकवादियों को पनाह देने और पालने’ का आरोप लगाया है। इससे सुझाव मिलता है कि उनके देश की भारत के पहलगाम में आतंकी हमले में भूमिका है जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर ‘आतंकवादियों को पनाह देने और पालने’ का आरोप लगाया है। इससे सुझाव मिलता है कि उनके देश की भारत के पहलगाम में आतंकी हमले में भूमिका है जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई।

ब्रिटेन में रह रहे 44 वर्षीय कनेरिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शरीफ ने हमले पर चुप्पी साध रखी है जो पाकिस्तान की भूमिका का संकेत है।

शरीफ ने भले ही इस घटना पर व्यक्तिगत रूप से कोई टिप्पणी नहीं की हो लेकिन पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने जानमाल के नुकसान पर चिंता व्यक्त की है।

इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में कथित तौर पर स्पॉट फिक्सिंग के लिए प्रतिबंध झेलने वाले कनेरिया ने लिखा, ‘‘अगर पाकिस्तान की पहलगाम आतंकी हमले में वाकई कोई भूमिका नहीं है तो प्रधानमंत्री शहबाज ने अभी तक इसकी निंदा क्यों नहीं की? आपकी सेना अचानक हाई अलर्ट पर क्यों है? क्योंकि अंदर से आप सच्चाई जानते हैं - आप आतंकवादियों को पनाह और पोषण दे रहे हैं। शर्म आनी चाहिए।’’

वर्ष 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमले में मंगलवार को पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों को मार डाला जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।

पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने इसकी जिम्मेदारी ली।

एक अन्य पोस्ट में पाकिस्तान के लिए खेलने वाले सिर्फ दूसरे हिंदू क्रिकेटर कनेरिया ने बृहस्पतिवार को हमले के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की।

मोदी ने अंग्रेजी में दिए भाषण में ‘हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करने, उन्हें ढूंढने और उन्हें दंडित करने’ की कसम खाई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमलावरों का ‘धरती के कोने-कोने तक’ पीछा करेगा और आतंकवाद से देश की भावना कभी नहीं टूटेगी।

कनेरिया ने पोस्ट किया, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करता हूं कि उन्होंने रैली के दौरान अंग्रेजी में बोलने का विकल्प चुना जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि दुनिया उनकी चेतावनी को स्पष्ट रूप से सुन सके। उम्मीद है कि गाजा की तरह ही यह दक्षिण एशिया में आतंकवाद के अंत की शुरुआत है।’’

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