जरुरी जानकारी | वैश्विक तापमान में वृद्धि से निपटने के लिये सभी देशों का संयुक्त प्रयास जरूरी: आर के सिंह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय बिजली आर के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक तापमान में वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) के मसले से निपटने के लिये सभी देशों का संयुक्त प्रयास जरूरी है।

नयी दिल्ली, 12 मार्च केंद्रीय बिजली आर के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक तापमान में वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) के मसले से निपटने के लिये सभी देशों का संयुक्त प्रयास जरूरी है।

उन्होंने यहां ईंट निर्माण क्षेत्र के लिए ऊर्जा दक्षता उद्यम प्रमाणपत्र कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए यह बात कही।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कहा कि पेरिस में जतायी गयी प्रतिबद्धता के तहत भारत कार्बन उत्सर्जन गहनता में 2005 के स्तर से 33 प्रतिशत (33 से 35 प्रतिशत) की कटौती करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम (भारत) नवीकरणीय ऊर्जा के मामले में अन्य देशों के मुकाबले तेजी से क्षमता स्थापित कर रहे हैं। लेकिन जबतक सभी देश एक साथ नहीं आते, हम वैश्विक तापमान में वृद्धि को कम नहीं कर सकते।’’

सिंह ने कहा कि वह अपने इस बात को नवंबर में ब्रिटेन में होने वाले कॉप 26 (कांफ्रेन्स ऑफ पार्टीज) में भी दोहराएंगे।

उन्होंने कहा कि पेरिस समझौते के तहत भारत को 2030 तक अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता का 40 प्रतिशत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से हासिल करना है।

मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यह सूचित करते हुए खुशी है कि यह बदलाव इतना तेज है कि हम इसे बढ़ाकर 60-65 प्रतिशत करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जबतक सभी देश साथ नहीं आते, वैश्विक तापमान में कमी लाना चुनौती होगी।’’

ईंट निर्माण क्षेत्र के लिए ऊर्जा दक्षता उद्यम (ई3) प्रमाणपत्र कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कहा कि इससे ईंट निर्माण के क्षेत्र में न केवल ऊर्जा की बचत होगी बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ई-3 प्रमाणन के कार्यान्वयन से ईंट निर्माण प्रक्रिया में ऊर्जा की बचत और बेहतर गुणवत्ता के मामले में कई लाभ होंगे। बेहतर थर्मल कंफर्ट और बेहतर इन्सुलेशन गुणों के कारण बिल्डरों के साथ-साथ इमारतों में रहने वालों को भी ऊर्जा बचत होगी।’’

ई3 प्रमाणन बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाला ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) उपलब्ध कराएगा।

सिंह ने ईंट निर्माण उद्योगों से अगले 2-3 वर्षों में सक्षम ई -3 बनने का आग्रह किया। उन्होंने इस बदलाव के प्रति प्रयासों में उनका समर्थन करने का आश्वासन दिया जो न केवल ऊर्जा उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा बल्कि लागत में कमी से भी उन्हें लाभान्वित करेगा।

इस मौके पर बिजली सचिव आलोक कुमार ने कहा कि भारत ईंटों का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और यह मांग ई-3 प्रमाणन कार्यक्रम के माध्यम से अगले 20 वर्षों में तीन से चार गुना होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि ईंट क्षेत्र में स्टील और सीमेंट के बाद भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता के लिए दूसरी सबसे बड़ी क्षमता है, और इस कार्यक्रम के माध्यम से आने वाले दशकों में इस क्षेत्र में सबसे बड़ी ऊर्जा बचत होगी।

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