देश की खबरें | जम्मू कश्मीरःन्यायिक संस्थानों में नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर न्यायालय ने नोटिस जारी किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया जिसमें आरोप लगाया गया है कि जम्मू-कश्मीर में न्यायिक संस्थानों और अदालतों में नियुक्तियों में पूर्व न्यायाधीशों और कर्मचारियों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया है।
यी दिल्ली, दो सितंबर उच्चतम शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया जिसमें आरोप लगाया गया है कि जम्मू-कश्मीर में न्यायिक संस्थानों और अदालतों में नियुक्तियों में पूर्व न्यायाधीशों और कर्मचारियों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया है।
न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने नोटिस जारी कर जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय से उसके प्रशासनिक पक्ष पर जवाब तलब किया। साथ ही कहा कि इसका निरीक्षण उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा किया जाए।
पीठ ने कहा कि याचिका पर जवाब छह हफ्तों में दाखिल किए जाएं।
गैर सरकारी संगठन 'जम्मू और कश्मीर पीपुल्स फोरम' ने जनहित याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि न्यायिक अकादमी, विधि प्राधिकरण और जिला स्तर से लेकर उच्च न्यायालय तक विभिन्न न्यायिक संस्थानों में कई प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों के लिए उच्च न्यायालय ने कई योग्य युवाओं पर विचार नहीं किया गया।
याचिका में दावा किया गया है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया को अपनाने के बजाय अनुबंध और दैनिक वेतन पर रखे गए कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया।
उसमें दावा किया गया है कि उच्च न्यायालय ने आरक्षण के नियमों की अनदेखी की और कई पद तो स्वीकृत तक नहीं थे।
याचिका में अपनी दलील के पक्ष में जिला स्तर से लेकर उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, अदालत कर्मचारियों, बार संघ के सदस्यों के रिश्तेदारों के नाम तक बताएं हैं जिन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में कथित रूप से लाभ पहुंचाया गया है।
याचिका में स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है और यह भी गुजारिश की गई है कि उच्च न्यायालय प्रशासन न्यायिक संस्थानों में पिछले दरवाज़े से और नियुक्तियां नहीं करे।
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