जरुरी जानकारी | झारखंड: नीति आयोग के साथ बैठक में सोरेन ने कोयला रॉयल्टी बढ़ाने, अतिरिक्त खाद्यान्न की मांग की

रांची, 13 जुलाई झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नीति आयोग के साथ बुधवार को यहां हुई विस्तृत समीक्षा बैठक में राज्य को कोयले पर अधिक रॉयल्टी देने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार के ग्रीन कार्डधारकों के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से अतिरिक्त अनाज देने को कहा।

एक आधिकारिक बयान में राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि बुधवार को नीति आयोग के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल के साथ सोरेन एवं उनके अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से यह मांगें रखीं।

बैठक में भूमि अधिग्रहण के लिए क्षतिपूर्ति जारी करने के मुद्दे को भी उठाया गया। यह क्षतिपूर्ति विभिन्न कोयला कंपनियों को देनी है।

विनोद कुमार पॉल की अगुवाई में नीति आयोग का आठ सदस्यीय दल राज्य के दौरे पर है। इस दौरान दल विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेगा।

सोरेन ने कहा कि विभिन्न कोयला कंपनियों को जमीन अधिग्रहण की क्षतिपूर्ति के लिए 80,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है और अभी तक सिर्फ 2,532 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अगर खनन का काम शुरू नहीं हुआ है, तो भी कोयला कंपनियों को क्षतिपूर्ति का भुगतान करना चाहिए।

बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि कोयला कंपनियां एक रिपोर्ट दाखिल कर बताएंगी कि उन्होंने कितनी जमीन का अधिग्रहण किया है और उन्हें कितनी क्षतिपूर्ति देनी है।

मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कहा कि केंद्र ने लाभार्थियों का जितना कोटा तय किया है, उससे ज्यादा खाद्यान्न की जरूरत है। राज्य सरकार ने अपने स्तर पर ग्रीन राशन कार्ड जारी किए हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को बाजार से अनाज खरीदना पड़ता है।

उन्होंने राज्य सरकार के राशन कार्डधारकों के लिए एफसीआई से अनाज उपलब्ध कराने की मांग की।

सोरेन ने राज्य के लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 8.5 लाख घरों की मांग भी की।

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