जरुरी जानकारी | असम के बागजन में क्षतिग्रस्त गैस कुंए को पूरी तरह बंद करने में लगेंगे दो महीने और: ऑयल इंडिया प्रमुख

गुवाहाटी, 29 सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) के असम में बागजन स्थित क्षतिग्रस्त गैस कुंए को पूरी तरह बंद करने में विशेषज्ञों के हिसाब से दो महीने का वक्त और लगेगा। इस कुंए से पिछले 126 दिन से गैस का अनियंत्रित रिसाव हो रहा है।

ऑयल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुशील चंद्र मिश्रा ने कंपनी की वार्षिक आम सभा के बाद प्रेसवार्ता में कहा कि कंपनी ने इस दुर्घटना के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दुर्घटना में तीन लोगों की जान चली गयी।

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उन्होंने कहा, ‘‘ गैस के कुंए के मुख से निकल रही आग पर पूरी तरह काबू पाने में हम सफल रहे हैं। 13 सितंबर को गैस के रुख को बदलने के बाद यह सफलता हाथ लगी है। हम कुंए पर पूर्ण नियंत्रण पाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए कुंए को बंद करने में महारत रखने वाला एक दल अगले तीन से चार हफ्ते में कनाडा से भारत पहुंचने की संभावना है।’’

मिश्रा ने कहा, ‘‘विशेषज्ञों के आने के बाद इस कुंए पर पूरा नियंत्रण स्थापित करने और इसे बंद करने में तीन से चार सप्ताह का वक्त और लगेगा। वर्तमान के हिसाब लगाएं तो कुंए को पूरी तरह बंद करने के लिए करीब आठ हफ्ते का वक्त चाहिए।’’

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ऑयल के प्रमुख ने कहा कि कुंए और उससे निकल रही आग पर काबू पाने के लिए कंपनी विदेशी विशेषज्ञों की सेवा पर अब तक 70 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।

ऑयल को कुंए से निकल रही आग पर काबू पाने में पहली सफलता 17 अगस्त को मिली थी। तब कंपनी सफलतापूर्वक आग लगने से बचाव करने वाली प्रणाली को स्थापित कर सकी थी। यह प्रणाली एक तरीके का कई टन भारी धातु का टुकड़ा होती है जिसे कूंए के मुंह पर स्थापित करने का कंपनी का यह तीसरा प्रयास था।

असम के वाणिज्य और उद्योग मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने दो सितंबर को विधानसभा में कहा था कि कनाडा से विशेषज्ञों की एक टीम बागजन आने की तैयारी कर रही है। कूंए को नियंत्रित करने में दो महीने का वक्त और लगेगा।

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