देश की खबरें | चंद्रताल में फंसे पर्यटकों को निकालना बहुत मुश्किल काम था: मुख्यमंत्री सुक्खू

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मूसलाधार बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश में लोगों को निकालने और मार्गों को खोलने के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन अब भी अलग-अलग जगहों पर हजारों की संख्या में पर्यटक फंसे हुए हैं। खबरों से इस बात की जानकारी मिली है।

शिमला/कुल्लू, 12 जुलाई मूसलाधार बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश में लोगों को निकालने और मार्गों को खोलने के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन अब भी अलग-अलग जगहों पर हजारों की संख्या में पर्यटक फंसे हुए हैं। खबरों से इस बात की जानकारी मिली है।

राज्य में अब भी 850 से ज्यादा सड़कों के बंद होने की वजह से भारी संख्या में पर्यटक अपने-अपने ठिकानों पर ही रुके हुए हैं और हालात के बेहतर होने का इंतजार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को लाहौल और स्पीति के चंद्रताल में फंसे पर्यटकों को निकालने को एक चुनौतीपूर्ण कार्य करार दिया।

लोसार और चंद्रताल इलाके का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद उन्होंने कहा, ''हमने हालात का जायजा लेने के लिए मंत्री और मुख्य विधायी सचिव संजय अवस्थी को चंद्रताल भेजा है।''

उन्होंने कहा कि अवस्थी के साथ जनजातीय किन्नौर जिले के राज्य मंत्री जगत सिंह नेगी चंद्रताल में बचाव कार्यों में सहायता देंगे। नेगी, भौगोलिक स्थिति और जनजातीय आपदाओं से भलीभांति परिचित हैं।

सुक्खू ने कहा, ''वह बुधवार रात तक चंद्रताल पहुंच जाएंगे।''

करीब 300 लोग, जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं, शनिवार से चंद्रताल में फंसे हुए हैं और सात बीमार लोग, जिसमें दो बुजुर्ग और एक लड़की शामिल है, उन्हें मंगलवार को हवाई मार्ग से चंद्रताल से भुंतर लाया गया।

इस बीच, सड़क बचाव दल चंद्रताल के मार्गों पर जमा बर्फ को साफ कर रहा है। बचाव दल का नेतृत्व कर रहे काजा के अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने कहा कि कुंजुम पास के समीप मार्ग तीन से चार फुट की बर्फ से ढक गया है और सड़क को फिर से बहाल करने का काम जोर-शोर से जारी है।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले एक ट्वीट में कहा था, ''अब तक कसोल में फंसे दो हजार से ज्यादा लोगों को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। हमारे दल कसोल-भुंतर मार्ग पर दुन्खरा में हुए भूस्खलन के मलबे को साफ करने का अथक प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन मौके पर राहत प्रयासों में समन्वय कर रहा है। कुल्लू को सफलतापूर्वक पार करने वाले 2200 से ज्यादा वाहनों को रामशिला चौक पर खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है।''

उन्होंने कहा, ''मैं खुद हालात का जायजा ले रहा हूं और इन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मजबूती से बढ़ता हुआ हिमाचल प्रदेश।''

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ''लाहौल में फंसे पर्यटकों के वाहनों को रात में निकाला गया। 300 से ज्यादा पर्यटकों के वाहन अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो चुके हैं।''

कुल्लू के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने कहा कि एक जांच चौकी स्थापति की गई है, जहां पुलिस (फंसे) लोगों की जानकारी एकत्र कर रही है और उन्हें हमारे फेसबुक पेज पर साझा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोगों को राहत सामग्री भी मुहैया कराई जा रही है और भोजन तथा पीने का पानी रामशिला चौक पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

भूस्खलन और बाढ़ की वजह से कुल्लू और लाहौल के कई हिस्सों में सड़कें या तो पानी में बह गईं या मलबे की वजह से बाधित हो गई थीं, इसके कारण भारी संख्या में पर्यटक फंस गए थे। फंसे हुए लोगों को होटलों, विश्रामघरों, होम स्टे और अन्य स्थानों पर ठहराया गया है।

कई होटल और पर्यटन इकाइयों ने फंसे हुए पर्यटकों को मुफ्त में रहने और खाने की पेशकश की है और सोशल नेटवर्किंग साइटों पर अपने होटल के पते और संपर्क नंबर साझा किए हैं।

प्राकृतिक आपदा की वजह से पर्यटकों के लिए छुट्टियां एक बुरे सपने की तरह थीं। बड़ौदा के एक पर्यटक ने कहा ‘‘हमारे पास सीमित नकदी थी, मोबाइल कनेक्टिविटी और बिजली बंद थी, एटीएम काम नहीं कर रहे थे और होटल व्यवसायी भुगतान को लेकर अड़े हुए थे। हमने उनसे कहा कि हमारे रिश्तेदार ऑनलाइन भुगतान करेंगे, लेकिन उन्होंने कहा कि यह नहीं किया जा सकता क्योंकि कोई मोबाइल संपर्क (कनेक्टिविटी) उपलब्ध नहीं है।”

बचाव दल का नेतृत्व कर रहे काजा के अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने कहा कि कुंजुम दर्रे के पास सड़क पर तीन से चार फुट बर्फ है और उसे हटाने का काम जारी है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा था कि सभी फंसे हुए पर्यटकों को बुधवार तक निकाल लिया जाएगा और इस कार्य के लिए छह हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्राकृतिक आपदा की वजह से पहाड़ी राज्य को अनुमानित 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now