देश की खबरें | खाद्य सुरक्षा और भूजल के लिए धान की मौजूदा खेतों को संरक्षित करना आवश्यक: केरल सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल सरकार ने बुधवार को कहा कि वह राज्य में धान के मौजूदा खेतों को हर कीमत पर संरक्षित रखने का इरादा रखती है और वह अन्य उद्देश्यों के लिए उनका इस्तेमाल नहीं होने देगी।
तिरुवनंतपुरम, 12 मार्च केरल सरकार ने बुधवार को कहा कि वह राज्य में धान के मौजूदा खेतों को हर कीमत पर संरक्षित रखने का इरादा रखती है और वह अन्य उद्देश्यों के लिए उनका इस्तेमाल नहीं होने देगी।
केरल के कृषि मंत्री पी प्रसाद ने राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए इस सवाल के जवाब में यह घोषणा की कि क्या सरकार मौजूदा धान के खेतों को संरक्षित करने का इरादा रखती है।
मंत्री ने भूजल पुनर्भरण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से मौजूदा धान के खेतों को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रसाद ने कहा कि धान की खेती वाली एक एकड़ भूमि में एक वर्ष में लगभग पांच करोड़ लीटर पानी भूमिगत रूप से इकट्ठा होता है और इसलिए जल संसाधन के दृष्टिकोण से उन्हें संरक्षित करना महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि वनों की तरह ‘‘धान के खेतों को भी संरक्षित रखे जाने की आवश्यकता है।’’
उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘हम किसी किसान से यह नहीं कह सकते कि उसकी कृषि भूमि को धान के लिए आरक्षित खेत घोषित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए हमने राज्य में धान के खेतों और जल निकायों को संरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए 2008 में केरल धान भूमि और आर्द्रभूमि संरक्षण अधिनियम बनाया।’’
उन्होंने कहा कि सरकार का धान के खेतों के ‘‘एक इंच’’ हिस्से का किसी अन्य उद्देश्य से इस्तेमाल करने की अनुमति देने का कोई इरादा नहीं है।
प्रसाद ने कहा, ‘‘हम किसी भी कीमत पर राज्य में धान के मौजूदा खेतों का संरक्षण करना चाहते हैं।’’
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