देश की खबरें | विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक सोच भरने के लिए इसरो 100 अटल टिंकरिंग लैब को गोद लेगा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बेंगलुरु, 11 जनवरी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और उन्हें अंतरिक्ष शिक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से संबंधित नवाचारों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए देश भर के 100 अटल टिंकरिंग लैब (प्रयोगशाला) को गोद लेगा।

सोमवार को आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में इसरो और अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग ने यह फैसला लिया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि इस सहयोग के जरिए इसरो विद्यार्थियों को अंतरिक्ष समेत अन्य 21वीं शताब्दी की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों की कोचिंग देने से लेकर मार्गदर्शन तक मुहैया कराने का काम करेगा।

अटल नवाचार मिशन और नीति आयोग ने देश भर में अब तक 7,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) स्थापित किए हैं। इसकी मदद से छठी कक्षा से 12वीं कक्षा के करीब 30 लाख विद्यार्थी नवोन्मेषी और समस्याओं के समाधान की क्षमता वाली सोच हासिल कर रहे हैं।

इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर के सिवन ने एटीएल से जुड़े बच्चों को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक रॉकेट के प्रक्षेपण देखने के लिए आमंत्रित किया है। वहीं, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इसरो के साथ साझेदारी पर प्रसन्नता जाहिर की है।

एटीएल का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा कौशल प्रदान करना और प्रौद्योगिकी तक उनकी पहुंच को सुनिश्चित करना है, जो समस्याओं के समाधान के प्रति उन्हें सक्षम बनाती हो।

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