देश की खबरें | राजस्‍थान में दुष्‍कर्म प्रकरणों की जांच में तेजी आयी : राज्‍यपाल मिश्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्‍थान के राज्‍यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को कहा कि राज्‍य में दुष्‍कर्म प्रकरणों के जांच समय में 60 प्रतिशत की कमी आई है और पीडित को न्याय सुनिश्चित करने के लिये हर फरियादी की एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य सरकार ने समाज के हर वंचित को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर आमजन में नई ऊर्जा का संचार किया है।

जयपुर, 10 फरवरी राजस्‍थान के राज्‍यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को कहा कि राज्‍य में दुष्‍कर्म प्रकरणों के जांच समय में 60 प्रतिशत की कमी आई है और पीडित को न्याय सुनिश्चित करने के लिये हर फरियादी की एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य सरकार ने समाज के हर वंचित को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर आमजन में नई ऊर्जा का संचार किया है।

राज्‍यपाल मिश्र ने राजस्थान की पन्द्रहवीं विधानसभा के छठे सत्र की शुरुआत पर सदन को संबोधित कर रहे थे। अपने अभिभाषण में उन्‍होंने राज्‍य सरकार की प्राथमिकी के अनिवार्य पंजीकरण की पहल का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा,’ राज्य सरकार की निर्बाध एफआईआर दर्ज करने की नीति से आपराधिक प्रकरणों के पंजीकरण की संख्या में वृद्धि आयी है और पीड़ित को न्याय सुनिश्चित करने के लिये हर फरियादी की एफआईआर दर्ज की जा रही है।‘

राज्‍यपाल ने अपने अभिभाषण में कोरोना काल में राज्‍य में स्‍वास्‍थ्‍य बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि कोरोना जब शुरू हुआ तो राज्‍य में इसकी जांच की सुविधा नहीं थी और सैम्पल पुणे भिजवाये जाते थे। अब राज्य सरकार द्वारा कोरोना जांच की सुविधा सभी जिला मुख्यालयों पर उपलब्ध करवायी जा चुकी है। प्रदेश की कोरोना जांच क्षमता वर्तमान में 70 हजार आरटीपीसीआर जांच प्रतिदिन हो चुकी है। राज्‍य में कोरोना रोगियों का सम्पूर्ण इलाज निःशुल्क किया जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का नवीन चरण 30 जनवरी, 2021 से शुरू किया गया है। चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिये दो हजार अतिरिक्त पद सृजित कर नियुक्तियां दी गयी, इन्हें मिलाकर वर्ष 2020 में कुल 2727 चिकित्सकों व 11 हजार से अधिक नर्सिंगकर्मियों को भी नियुक्तियां दी गयी हैं।

राज्‍यपाल ने कहा कि कृषक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में दिसम्बर, 2020 तक 11000 करोड़ रुपये से अधिक के अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण, 244 करोड़ रुपये के मध्यकालीन ऋण व 108 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरित किये जा चुके हैं।

उन्‍होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सम्बल प्रदान करने के लिये मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना में एक फरवरी, 2019 से अब तक 800 करोड़ रुपये की राशि बेरोजगारी भत्ते के रूप में वितरित कर लगभग 2 .50 लाख बेरोजगार युवाओं को लाभान्वित किया गया है।

उन्‍होंने अपने अभिभाषण में कहा कि कोरोना के बावजूद समाज के हर वंचित को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर विकासपरक दृष्टिकोण का दायरा बढ़ाते हुये राज्य की लोककल्याणकारी सरकार ने विभिन्‍न योजनाओं का विस्तार कर आमजन में नई ऊर्जा का संचार किया है।

राज्यपाल ने सदन में संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों का भी उल्लेख किया।

इससे पहले राज्यपाल मिश्र के अभिभाषण के लिए विधानसभा पहुँचने पर विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, मुख्य सचिव निरंजन आर्य और विधानसभा सचिव प्रमिल कुमार माथुर ने उनका स्वागत किया। विधानसभा के मुख्य द्वार पर राज्यपाल को आरएसी की बटालियन ने राष्ट्रीय सलामी दी।

वहीं राज्‍यपाल के अभिभाषण के दौरान विधायक बलवान पूनियां ने केंद्रीय कृषि कानूनों व इसके खिलाफ किसानों के आंदोलन का मुद्दा उठाया। उन्‍होंने केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में 'जय श्री किसान' और 'आंदोलनजीवी जिंदाबाद' के नारे लगाए।

सत्तापक्ष के कई मंत्रियों द्वारा शांत कराने के प्रयासों के बावजूद पूनियां अभिभाषण के दौरान नारे लगाते रहे। वहीं कांग्रेस विधायक इंद्रा मीणा ट्रैक्‍टर से विधानसभा पहुंचीं। उन्‍होने कहा, “मैं देश भर किसानों को यह संदेश देना चाहती हूं कि कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।‘

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