देश की खबरें | मणिपुर में इंटरनेट सेवा पर पाबंदी से जनजीवन प्रभावित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मणिपुर में पिछले 19 दिनों से इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहने के कारण राज्य के लोग ‘ऑनलाइन’ माध्यम से पैसे नहीं भेज पा रहे हैं और ना ही अन्य आवश्यक डिजिटल मंच का उपयोग कर पा रहे हैं।
इंफाल, 21 मई मणिपुर में पिछले 19 दिनों से इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहने के कारण राज्य के लोग ‘ऑनलाइन’ माध्यम से पैसे नहीं भेज पा रहे हैं और ना ही अन्य आवश्यक डिजिटल मंच का उपयोग कर पा रहे हैं।
थोंगबम इनाओतोम्बा (54) दिल्ली में रह रहे अपने बेटे को मकान का किराया भुगतान करने के लिए पैसे नहीं भेज पा रही हैं। उनका बेटा राष्ट्रीय राजधानी में रह कर पढ़ाई कर रहा है।
बिमल थौनाओजम (52) ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया से गुजरे बगैर अपने 18 वर्षीय बेटे का दाखिला मणिपुर के बाहर स्थित एक कॉलेज में कराने की पूरी कोशिश कर रही हैं।
राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद, अफवाहों और गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए तीन हफ्ते पहले इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं।
इंफाल निवासी थौनाओजम ने कहा, ‘‘मेरे बेटे ने हाल में 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है। हम मणिपुर के बाहर देश के बड़े शहरों में स्थित कॉलेज में ऑनलाइन फॉर्म जमा करने और कट ऑफ अंक की जानकारी नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहने के कारण कई छात्रों का अकादमिक करियर अंधकारमय हो गया है।
पेशे से कारोबारी इनाओतोम्बा ने कहा, ‘‘मैं अपने बेटे को ऑनलाइन पैसे नहीं भेज पा रही हूं; वह दिल्ली में पढ़ाई करता है। उसने मुझसे फोन पर कहा कि मासिक किराया नहीं देने की स्थिति में मकान मालिक ने उसे मकान से बाहर कर देने की धमकी दी है।’’
उन्होंने कहा कि कोरोबारी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं क्योंकि हितधारक ईमेल नहीं कर पा रहे हैं और ना ही नकद अंतरण कर पा रहे हैं।
राज्य के कुछ निवासियों का कहना है कि इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से निलंबित कर देने के बजाय सरकार को सोशल नेटवर्किंग साइट के उपयोग पर पाबंदी लगानी चाहिए थी क्योंकि गलत सूचना फैलाने में केवल इसी का इस्तेमाल किया जाता है।
हिंसा शुरू होने के बाद से मेइती और कुकी समुदायों के बीच हुई झड़पों में 70 से अधिक लोगों की जान चली गई है।
आनंद सिंह हुइदरम (41) एक बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी में सहायक प्रबंधक हैं। वह यहां घर से ही काम कर रहे थे, लेकिन इंटरनेट सेवाएं निलंबित हो जाने के कारण वे कार्यालय का काम नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इंटरनेट सेवाएं बंद कर देना अत्यधिक अनुचित है। यदि अधिकारियों को लगता है कि सोशल नेटवर्किंग साइट गलत सूचना फैला सकती हैं तो उन्हें उन साइट को ब्लॉक कर देना चाहिए।’’
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