जरुरी जानकारी | औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जून में सुस्त पड़कर 1.5 प्रतिशत पर, 10 महीने का निचला स्तर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. खनन और बिजली क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन के कारण देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि इस साल जून महीने में सुस्त पड़कर 10 महीने के निचले स्तर 1.5 प्रतिशत पर रही। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

नयी दिल्ली, 28 जुलाई खनन और बिजली क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन के कारण देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि इस साल जून महीने में सुस्त पड़कर 10 महीने के निचले स्तर 1.5 प्रतिशत पर रही। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

जून महीने में अत्यधिक बारिश से खनन और बिजली क्षेत्र की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, जिसका असर औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि पर पड़ा है।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के रूप में मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन बीते साल जून में 4.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने मई के औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर के आंकड़े को भी संशोधित कर 1.9 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले इसके 1.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

अगस्त, 2024 के बाद औद्योगिक उत्पादन वृद्धि सबसे कम है। उस समय इसकी वृद्धि स्थिर रही थी।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने बयान में कहा, ‘‘जून, 2025 के उत्तरार्ध में अत्यधिक बारिश से खनन उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। साथ ही बिजली उत्पादन में भी कमी आएगी। हालांकि, पिछले महीने की तुलना में दोनों क्षेत्रों के लिए स्थिति कुछ सुधरी है।’’

एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि जून, 2025 में मामूली रूप से बढ़कर 3.9 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 3.5 प्रतिशत थी।

खनन उत्पादन में 8.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एक साल पहले इसमें 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

बिजली उत्पादन में जून, 2025 में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एक साल पहले इसी माह में इसमें 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून अवधि के दौरान औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि कम होकर दो प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

विनिर्माण क्षेत्र में, 23 में से 15 उद्योग समूहों ने जून, 2025 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार, पूंजीगत वस्तु खंड में वृद्धि दर जून, 2025 में घटकर 3.5 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 3.6 प्रतिशत थी।

उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं (या श्वेत वस्तुओं के उत्पादन) की वृद्धि दर समीक्षाधीन महीने में घटकर 2.9 प्रतिशत रह गई, जबकि जून, 2024 में यह 8.8 प्रतिशत थी।

गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन जून, 2025 में 0.4 प्रतिशत घटा, जबकि एक साल पहले इसमें एक प्रतिशत की गिरावट आई थी।

बुनियादी ढांचा/निर्माण क्षेत्र में जून, 2025 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो एक साल पहले इसी माह में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि से कम है।

आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक वस्तुओं के उत्पादन में जून, 2025 में तीन प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एक साल पहले इसमें 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

मध्यवर्ती वस्तुओं मामले में वृद्धि दर आलोच्य महीने में 5.5 प्रतिशत रही, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी माह में यह 3.2 प्रतिशत थी।

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