जरुरी जानकारी | शुरुआती पुनरोद्धार के बाद मध्यम अवधि में सुस्त पड़कर 6.5 प्रतिशत रहेगी भारत की वृद्धि दर : फिच

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव लंबे समय तक झेलना होगा। फिच रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगले वित्त वर्ष (2021-22) में भारतीय अर्थव्यवस्था 11 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज करेगी। लेकिन उसके बाद 2022-23 से 2025-26 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सुस्त पड़कर 6.5 प्रतिशत के आसपास रहेगी।

नयी दिल्ली, 14 जनवरी भारतीय अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव लंबे समय तक झेलना होगा। फिच रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगले वित्त वर्ष (2021-22) में भारतीय अर्थव्यवस्था 11 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज करेगी। लेकिन उसके बाद 2022-23 से 2025-26 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सुस्त पड़कर 6.5 प्रतिशत के आसपास रहेगी।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी में फिच रेटिंग्स ने कहा, ‘‘आपूर्ति पक्ष के साथ मांग पक्ष की अड़चनों...मसलन वित्तीय क्षेत्र की कमजोर स्थिति की वजह से भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर महामारी के पूर्व के स्तर से नीचे रहेगी।’’

फिच ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से भारत में मंदी की स्थिति दुनिया में सबसे गंभीर है। सख्त लॉकडाउन और सीमित वित्तीय समर्थन की वजह से ऐसी स्थिति बनी है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति अब सुधर रही है। अगले कुछ माह के दौरान वैक्सीन आने की वजह से इसे और समर्थन मिलेगा।

‘‘हमारा अनुमान है कि 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। चालू वित्त वर्ष 2020-21 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 9.4 प्रतिशत की गिरावट आएगी।’’

फिच रेटिंग्स ने कहा कि कोविड-19 संकट शुरू होने से पहले ही भारतीय अर्थव्यवस्था नीचे आ रही थी। 2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत पर आ गई थी। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 6.1 प्रतिशत रही थी।

इस महामारी की वजह से देश में 1.5 लाख लोगों की जान गई है। हालांकि, यूरोप और अमेरिका की तुलना में भारत में महामारी की वजह से मृत्यु दर कम है, लेकिन आर्थिक प्रभाव कहीं अधिक गंभीर है।

चालू वित्त वर्ष की पहली अप्रैल-जून की तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। वहीं जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत नीचे आई थी। इससे एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मंदी की गिरफ्त में आ गई थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs Sri Lanka Women's Asia Cup 2026 Final Match Scorecard: खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 8वीं बार किया एशिया कप पर कब्जा, श्री चरणी ने की घातक गेंदबाजी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Ganeshutsav 2026: गणेश भक्तों के लिए BJP का बड़ा तोहफा, भांडुप में जागृति पाटिल और कौशिक पाटिल ने किया मुफ्त एसटी बसों का खास इंतजाम

India vs Afghanistan, 1st T20I Match Scorecard: दिल्ली में अभिषेक शर्मा की आंधी में अफगानी गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां, टीम इंडिया ने सात विकेट से दर्ज की धमाकेदार जीत; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

India vs Sri Lanka Women's Asia Cup 2026 Final Match Scorecard: खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने रखा 184 रनों का लक्ष्य, शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड