जरुरी जानकारी | वैश्विक रियल्टी पारदर्शिता सूचकांक में भारत एक एक पायदान चढ़कर 34वें स्थान पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वैश्विक रियल एस्टेट पारदर्शिता सूचकांक में भारत का स्थान 34वां रहा है। रियल एस्टेट बाजार से जुड़े नियामकीय सुधार, बाजार से जुड़े बेहतर आंकड़े और हरित पहलों के चलते देश की रैंकिंग में एक अंक का सुधार हुआ है।

नयी दिल्ली, सात जुलाई वैश्विक रियल एस्टेट पारदर्शिता सूचकांक में भारत का स्थान 34वां रहा है। रियल एस्टेट बाजार से जुड़े नियामकीय सुधार, बाजार से जुड़े बेहतर आंकड़े और हरित पहलों के चलते देश की रैंकिंग में एक अंक का सुधार हुआ है।

वैश्विक संपत्ति सलाहकार कंपनी जेएलएल इस द्वि-वार्षिक सर्वेक्षण को करती है। वर्ष 2018 में भारत की रैंकिंग 35, वर्ष 2016 में 36 और 2014 में 39 थी।

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देश के रियल एस्टेट बाजार को वैश्विक स्तर पर ‘आंशिक-पारदर्शी’ श्रेणी में रखा गया है।

सूचकांक में कुल 99 देशों की रैंकिंग की गयी है। इसमें शीर्ष पर ब्रिटेन है। इसके बाद क्रमश: अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और कनाडा देश शीर्ष पांच में शामिल है।

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भारत के पड़ोसी देश चीन की इस सूचकांक में रैंकिंग 32, श्रीलंका की 65 और पाकिस्तान की 73वां स्थान है।

शीर्ष 10 देशों को उच्च पारदर्शी, 11 से 33 को पारदर्शी श्रेणी में रखा गया है।

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