देश की खबरें | भारत में छह महीने से अधिक समय बाद कोविड-19 के सबसे कम 16,375 नए मामले

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में छह महीने से अधिक समय बाद एक दिन में सबसे कम 16,375 नए मामले समाने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़ कर मंगलवार को 1,03,56,844 हो गए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच जनवरी भारत में छह महीने से अधिक समय बाद एक दिन में सबसे कम 16,375 नए मामले समाने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़ कर मंगलवार को 1,03,56,844 हो गए।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, वायरस से 201 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,49,850 हो गई।

आंकड़ों के अनुसार कुल 99,75,958 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर 96.32 प्रतिशत हो गई। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है।

देश में लगातार 15 दिनों से कोविड-19 के उपचाराधीन लोगों की संख्या तीन लाख से कम है। अभी कुल 2,31,036 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 2.23 प्रतिशत है।

भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख के पार चली गई थी।

वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे।

भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार चार जनवरी तक कुल 17,65,31,997 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई, जिनमें से 8,96,236 नमूनों की जांच सोमवार को की गई।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिन 201 लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 29, पश्चिम बंगाल के 25, पंजाब के 24, केरल के 19 और दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ के 12-12 लोग थे।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में वायरस से अभी तक कुल 1,49,850 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 49,695, तमिलनाडु के 12,166, कर्नाटक के 12,110, दिल्ली के 10,597, पश्चिम बंगाल के 9,817, उत्तर प्रदेश के 8,413, आंध्र प्रदेश के 7,118 और पंजाब के 5,400 लोग थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं।

मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

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