देश की खबरें | भारत संविधान से चलता है, मनुस्मृति है गैर मुद्दा : तमिलनाडु प्रदेश भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख एल. मुरुगन ने रविवार को कहा कि देश मनुस्मृति से नहीं बल्कि संविधान से चलता है तथा ऐसे ‘गैर मुद्दे’ पर विवाद खड़ा करने का प्रयास करके लोगों को धोखा देने समय बीत गया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, 25 अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख एल. मुरुगन ने रविवार को कहा कि देश मनुस्मृति से नहीं बल्कि संविधान से चलता है तथा ऐसे ‘गैर मुद्दे’ पर विवाद खड़ा करने का प्रयास करके लोगों को धोखा देने समय बीत गया है।

उनका बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही विदुथलई चिरुथैगल काच्चि (वीसीके) के प्रमुख टी तिरूमावलवन ने ‘मनुस्मृति’ पर रोक लगाने की मांग करते हुए यहां प्रदर्शन किया एवं आरोप लगाया कि यह ग्रंथ महिलाओं को नीचा दिखाता है।

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भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ मनुस्मृति कहां है?’’ उन्होंने कहा कि इसका कहीं भी पालन नहीं किया जा रहा है, इसलिए ‘आज के समय में इसकी प्रासंगिकता नहीं है।’

भाजपा नेता ने संवाददाताओं से कहा कि देश के आजादी के बाद से बाबा साहब आंबेडकर के संविधान का पालन किया जा रहा है । उन्होंने सवाल दागा कि मनुस्मृति पर विवाद खड़ा करने का प्रयास करके कब तक तमिलों की आंखों में धूल झोंका जाएगा।

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अतीत में द्रविड़ दलों के वैचारिक मातृ संगठन द्रविड़ कषगम ने यह आरोप लगाते हुए मनुस्मृति जलायी थी कि यह सामाजिक न्याय के विरूद्ध है।

मुरुगन ने वीसीके द्वारा यह दावा करने के लिए उद्धृत किये गये अंश की प्रामणिकता जैसे विवादास्पद पहलुओं का जिक्र किया कि यह प्राचीन ग्रंथ महिलाओं को नीचा दिखाता है।

भाजपा नेता ने कहा कि चाहे हिंदू धर्म या प्राचीन तमिल साहित्य , सभी में महिलाओं को आदर दिया जाता है और विजयादशमी उत्सव भी महिला के रूप में दैवीय शक्ति का सम्मान करता है।

उन्होंने तिरूमावलवन और द्रमुक जैसे दलों का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि जिन्होंने अपने बयान से महिलाओं की अवमानना की है और जिन्होंने ऐसे बयान का समर्थन किया, उनका सही वक्त पर महिलाएं ख्याल रखेंगी।

शुक्रवार को वीसीके प्रमुख का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया था जिसमें उन्होंने मनुस्मृति का हवाला देते हुए एक शब्द का इस्तेमाल किया था। उसके बाद विवाद खड़ा हेा गया था क्योंकि हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि तिरूमावलवन के बयान से महिलाओं का अपमान हुआ है और यह हिंदुत्व के विरूद्ध है।

हालांकि वीसीके नेता ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने महिलाओं का अपमान किया है।

उधर, शिकायत के बाद पुलिस ने तिरूमावलवन के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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