देश की खबरें | भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से उन्नत परमाणु संयंत्र विकसित करने की इच्छा प्रकट की

नयी दिल्ली, 12 फरवरी भारत और फ्रांस ने बुधवार को आधुनिक परमाणु संयंत्रों को संयुक्त रूप से विकसित करने का इरादा जाहिर किया और इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा और कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के बाद जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देशों ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टर (एएमआर) को लेकर एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।

बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा मिश्रण का एक अनिवार्य हिस्सा है।’’

एसएमआर ऐसे परमाणु विखंडन रिएक्टर होते हैं जिन्हें कारखानों में निर्मित किया जा सकता है और दूसरी जगह स्थापित किया जा सकता है।

वे आम तौर पर पारंपरिक परमाणु रिएक्टरों की तुलना में कम क्षमता वाले होते हैं।

दोनों नेताओं ने भारत और फ्रांस के बीच मजबूत असैन्य परमाणु संबंधों और विशेष रूप से जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना के संबंध में परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर सहयोग के प्रयासों को भी स्वीकार किया।

उन्होंने भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग और ‘कमिसारीट ए एल एनर्जी एटॉमिक एट ऑक्स एनर्जीज अल्टरनेटिव्स ऑफ फ्रांस’ के बीच परमाणु सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण भी किया।

दोनों राष्ट्र परमाणु पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। बुधवार को मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलने वाले हैं और परमाणु ऊर्जा के भी चर्चा के विषयों में शामिल होने की उम्मीद है।

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