लॉकडाउन के चौथे चरण में राज्य पांबदियों में अधिक छूट दिए जाने के पक्ष में
जमात

नयी दिल्ली/ पटना, 15 मई कोरोना वायरस के गैर-निषिद्ध जोन में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के मद्देनजर राज्य सरकारें लॉकडाउन के चौथे चरण में पाबंदियों में अधिक ढील दिए जाने के पक्ष में हैं।

वहीं, कोरोना वायरस के कारण लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण सोमवार से शुरू होगा और इसमें लोगों को ज्यादा रियायत और लचीलापन देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि बंद के इस चौथे चरण (लॉकडाउन-4) में यात्री रेल सेवा और घरेलू यात्री उड़ानों को क्रमिक रूप से शुरू किये जाने के साथ ही राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को अपने यहां हॉटस्पॉट को परिभाषित करने का अधिकार दिया जाएगा।

हालांकि, कुछ सरकारें लॉकडाउन को इस महीने के अंत तक विस्तार देने के पक्ष में दिखीं। कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए तीन चरणों में लागू 54 दिवसीय लॉकडाउन 17 मई को समाप्त होने जा रहा है।

मिजोरम सरकार ने प्रदेश में जारी लॉकडाउन शुक्रवार को कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से 31 मई तक के लिये बढ़ा दिया जबकि बिहार सरकार ने केन्द्र से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन मई अंत तक बढ़ाने की अपील की है। साथ ही श्रमिक विशेष और सामान्य यात्री विमान सेवाओं के अलावा इस दौरान सभी रेल और हवाई सेवाओं को निलंबित रखने की भी अपील की है। राज्य सरकार ने कहा कि उपरोक्त प्रतिबंध माह अंत तक जारी रहें ताकि राज्य में लौट रहे प्रवासियों से निपटने का समय मिल जाए।

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, “कोई भी राज्य बंद को पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहता लेकिन सभी क्रमिक रूप से आर्थिक गतिविधियों को बहाल करना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा कि पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम और तेलंगाना चाहते हैं कि बंद जारी रखा जाए, इनमें से कुछ चाहते हैं कि कोविड-19 की स्थिति के मुताबिक जिलों को जोन - रेड, ऑरेंज और ग्रीन- के निर्धारण का अधिकार उन्हें दिया जाए।

केंद्र सरकार में बंद में छूट को लेकर चल रही बातचीत की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन-4 में पहले के चरणों की अपेक्षा लोगों को ज्यादा छूट मिलेगी और इस दौरान ग्रीन जोन को पूरी तरह खोल दिया जाएगा, ऑरेंज जोन में बेहद कम बंदिश होगी जबकि रेड जोन के निषिद्ध क्षेत्रों में ही सख्त पाबंदियां होंगी।

अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकारों के अनुरोध को स्वीकार किया जा सकता है जिससे वे जमीनी स्थिति के आधार पर किसी खास जगह लोगों की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों पर पाबंदी या उन्हें शुरू करने की मंजूरी दे सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था कि लॉकडाउन-4 नए नियमों के साथ “बिल्कुल अलग स्वरूप” में होगा। राज्य सरकारों और केंद्र शासित के प्रशासकों से शुक्रवार तक अपनी सिफारिशें देने को कहा गया था।

इस बीच, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को कहा, “हमने केंद्र से लॉकडाउन को दो और हफ्तों के लिए बढ़ाने की अपील की है। हमने इस बारे में अपने विस्तृत विचार उन्हें पहले ही भेज दिए हैं।”

सोनोवाल ने गुवाहाटी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सभी राज्यों को लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने को लेकर शुक्रवार तक अपनी प्रतिक्रिया देनी थी और असम सरकार पहले ही अपने पक्ष से केंद्र को अवगत करा चुकी है।

केंद्र के एक अधिकारी के मुताबिक, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम और तेलंगाना चाहते हैं कि बंद जारी रखा जाए, इनमें से कुछ चाहते हैं कि कोविड-19 की स्थिति के मुताबिक जिलों को जोन - रेड, ऑरेंज और ग्रीन- के निर्धारण का अधिकार उन्हें दिया जाए।

अधिकारी ने पीटीआई- को बताया कि राज्य सरकारों के अनुरोध को स्वीकार किया जा सकता है जिससे वे जमीनी स्थिति के आधार पर किसी खास जगह लोगों की आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों पर पाबंदी या उन्हें शुरू करने की मंजूरी दे सकें।

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