देश की खबरें | पीएमएलए जांच के सिलसिले में मप्र परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षी एवं उसके दो सहयोगी गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 11 फरवरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति से संबंधित धनशोधन के एक मामले में मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के एक पूर्व आरक्षी और उससे ‘जुड़े’ दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।

उसने एक बयान में कहा कि सोमवार को पूर्व आरक्षी सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौड़ और शरद जायसवाल को सोमवार को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया।

तीनों को पहले राज्य लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिर ईडी ने पूर्व एजेंसी की न्यायिक हिरासत से उन्हें रिमांड पर लेने के लिए अदालत में याचिका दायर करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया।

शर्मा को 2015 में अनुकंपा के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य परिवहन विभाग में आरक्षी पद पर नियुक्त किया गया था।

ईडी ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार के आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) विभाग में आरक्षी का पद मिलने के बाद शर्मा ने आय के ज्ञात स्रोतों से ‘बहुत अधिक’ संपत्ति अर्जित कर ली।

उसने कहा, ‘‘चेतन सिंह गौड़ और शरद जायसवाल के साथ मिलीभगत करके, उसने फर्म और कंपनियां स्थापित कीं और उनका (कंपनियों का) व अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों का उपयोग अपराध की कमाई का शोधन करने और अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों, फर्मों और कंपनियों के नाम पर संपत्तियों में निवेश करने के लिए किया।’’

लोकायुक्त की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि शर्मा ने अपने परिवार के सदस्यों, संबद्ध फर्मों और कंपनियों के नाम पर करोड़ों रुपये की ‘आय के ज्ञात स्रोत से अधिक की’ संपत्ति अर्जित की है।

लोकायुक्त और ईडी शर्मा के ‘करीबी सहयोगी’ गौड़ के एक लावारिस वाहन से सोने की छड़ें (52 किलोग्राम) और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद होने के एक अन्य मामले में भी आरोपियों की जांच कर रही हैं।

ईडी ने इस मामले में पहले भी छापेमारी की थी और 10 करोड़ रुपये की संपत्ति (की लेन-देन/खरीद-ब्रिकी) पर रोक लगा दी थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)