विदेश की खबरें | नौ मई को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमले के पीछे इमरान खान: पंजाब पुलिस प्रमुख

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लाहौर, 25 मई पंजाब पुलिस के प्रमुख ने बृहस्पतिवार को कहा कि नौ मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद लाहौर तथा पंजाब प्रांत के अन्य हिस्सों में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए अभूतपूर्व हमलों में पूर्व प्रधानमंत्री और उनके करीबी सहयोगियों का हाथ था।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. उस्मान अनवर ने ‘जियो -फेंसिंग’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, "पुलिस ने इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा की गई 400 से अधिक कॉल का पता लगाया है, जिनमें कार्यकर्ताओं को लाहौर में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के घर पर और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए उकसाया गया।"

‘जियो-फेंसिंग’ एक ऐसी प्रौद्योगिकी है जो उपग्रह संकेतों का उपयोग करके किसी व्यक्ति, वाहन आदि की गतिविधियों को रिकॉर्ड करती है।

उन्होंने कहा कि सभी दंगाई पीटीआई पार्टी प्रमुख के जमान पार्क स्थित आवास पर अपने शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में थे।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ के आरोप में देश भर में लगभग 10,000 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ज्यादातर पीटीआई के नेता और कार्यकर्ता हैं।

पुलिस महानिरीक्षक अनवर ने डॉन अखबार को बताया कि ‘जियो-फेंसिंग’ रिकॉर्ड से पता चला है कि खान के आवास का इस्तेमाल लाहौर कोर कमांडर के घर पर हमले की योजना बनाने के लिए किया गया था, जिसे जिन्ना हाउस के नाम से भी जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि क्रिकेटर से नेता बने इमरान यहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के घर पर हमले की साजिश रचने के मुख्य संदिग्ध हैं।

अनवर ने कहा कि पीटीआई के छह अन्य नेता-हम्माद अजहर, डॉ. यास्मीन राशिद, महमूदुर रशीद, एजाज चौधरी, असलम इकबाल और मुराद रास के नाम अन्य संदिग्धों में शामिल हैं।

हालांकि, खान ने इस सबके लिए खुफिया ब्यूरो और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) को दोषी ठहराया।

पीटीआई प्रमुख ने दावा किया कि इस्लामाबाद में उनकी गिरफ्तारी के बाद अशांति के दौरान 25 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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