भारत में COVID की तीसरी लहर कैसी होगी? कैसे होगा कम से कम नुकसान? जानिए एक्सपर्ट का जवाब

हर वायरस शरीर में अपनी प्रति (कॉपी) बनाने के दौरान बदलाव करता है, लेकिन उसकी प्रतियों में खामियां होती हैं और वायरस की हर प्रति उसकी सटीक प्रति नहीं हो सकती हैं. कोई भी बदलाव ‘म्यूटेशन’ कहलाता है तथा वायरस के स्वरूप में छोटा या बड़ा हो सकता है. एक वायरस में ऐसे बड़ी संख्या में बदलाव होते हैं.

कोरोना वैक्सीन (Photo credits: PTI)

नयी दिल्ली, 16 मई: कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से देश का एक बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से प्रभावित है और यह महामारी अब तेजी से ग्रामीण इलाकों में भी पांव पसार रही है. कुछ विशेषज्ञ इस महामारी की तीसरी लहर को लेकर भी आगाह कर रहे है. पूर्व स्वास्थ्य सचिव सुजाता राव का कहना है कि तीसरी लहर कब आयेगी, इसके बारे में सटीक रूप से कुछ नहीं कह सकते. कोरोना वायरस की तीसरी लहर, बच्चों पर उसके प्रभाव की आशंका व बचाव के लिये रणनीति पर हो रही चर्चा की बीच सुजाता राव से ‘ के पांच सवाल’ और उनके जवाब:

सवाल : कुछ विशेषज्ञों का मत है कि कोविड-19 की तीसरी लहर आयेगी और इससे बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं. इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

जवाब : ऐसी कोई भी रिपोर्ट नहीं आई है जिसमें वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह बात कही गई हो कि कोविड-19 का नया स्वरूप बच्चों के लिये अधिक हानिकारक है. ऐसा स्पष्ट हो रहा है कि वायरस का बी.1.617 स्वरूप अधिक संक्रामक है. निगरानी, नियंत्रण, इलाज एवं जांच संबंधी बताए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने से वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है. हमें स्वास्थ्य व्यवस्था को तैयार रखने की जरूरत है.

सवाल : कोविड-19 की तीसरी लहर का स्वरूप कैसा होगा और यह कितना गंभीर हो सकता है?

जवाब : कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका जताई गई है, लेकिन हम यह सटीक रूप से नहीं कह सकते हैं कि यह कब आएगी और कितनी गंभीर होगी. अगर लोग कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करें और हम बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगा सकें तो तीसरी लहर कम गंभीर हो सकती है. कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने और उसे पराजित करने की कुंजी काफी हद तक टीकाकरण की तीव्र रफ्तार पर निर्भर करती है और यह ऐसा क्षेत्र हैं जहां सरकार लक्ष्य से पीछे है. किफायती टीकाकरण के लिए सरकार को भारतीय और विदेशी विनिर्माताओं से टीकों की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए. केंद्र सरकार को टीके की खरीद करनी चाहिए और राज्यों को वितरित करना चाहिए.

सवाल : कोरोना वायरस के बदलते प्रारूप के बीच टीकाकरण की रणनीति कैसी होनी चाहिए?

जवाब : हम अभी कोविड-19 की दूसरी लहर के मध्य में है, ऐसी स्थिति में यहां से टीकाकरण अभियान को गति प्रदान करना महत्वपूर्ण है. दूसरी लहर का प्रभाव कम होने के दौरान हमारे पास एक छोटी अवधि रहेगी और इस अवधि में हमें यह सुनिश्चित करना है कि हम अपनी 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण कर दें. तीसरी लहर से पहले हमें ऐसा करना ही होगा. इसके लिये विकेंद्रीकरण महत्वपूर्ण सूत्र हैं. हमें जिला स्तर पर सूक्ष्म योजना तैयार करनी होगी और इस अभियान में नागरिक समाज, ग्राम पंचायतों एवं अन्य पक्षकारों को शामिल करना होगा. टीकाकरण में शिक्षकों, ड्राइवरों, घरों में सामान पहुंचाने वालों, औद्योगिक कर्मियों तथा कामकाज में नियमित सम्पर्क में रहने वालों को त्वरित रूप से टीका लगाना होगा. तभी हम आने वाले समय में वायरस का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकते हैं.

सवाल : कोरोना वायरस में हो रहा या होने वाला बदलाव कितना हानिकारक होता है. सामान्य लोगों को ऐसे में क्या सतर्कता बरतनी चाहिए?

जवाब : हर वायरस शरीर में अपनी प्रति (कॉपी) बनाने के दौरान बदलाव करता है, लेकिन उसकी प्रतियों में खामियां होती हैं और वायरस की हर प्रति उसकी सटीक प्रति नहीं हो सकती हैं. कोई भी बदलाव ‘म्यूटेशन’ कहलाता है तथा वायरस के स्वरूप में छोटा या बड़ा हो सकता है. एक वायरस में ऐसे बड़ी संख्या में बदलाव होते हैं. ऐसे में जब तक बड़ी आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता है, हमें कोविड-19 प्रोटोकाल के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए. वायरस का हर बदलाव चिंताजनक नहीं होता है और वायरस का जीनोम अनुक्रमण इसलिए किया जाता है ताकि वायरस में आए उन बदलावों पर नजर रखी जा सके जो उसे अधिक खतरनाक बना सकते हैं. ऐसे में वैज्ञानिक वायरस में हो रहे या होने वाले बदलाव पर सतत नजर रखते हैं.

सवाल : क्या हम कोरोना वायरस के संभावित प्रारूप या स्वरूप से निपटने के लिये तैयार है और इसका रास्ता क्या हो सकता है?

जवाब : आने वाले समय में कोरोना वायरस का कोई भी प्रारूप आए, इसके हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिये दो ही रास्ते है.....पहला टीकाकरण और दूसरा मास्क पहनना एवं सामाजिक दूरी बनाये रखना. इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिये भारत सरकार को टीके के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर देना चाहिए और आधे दर्जन अधिक कंपनियों को टीका उत्पादन से जोड़ना चाहिए. भारत में इसके लिये आधारभूत ढांचा और क्षमता है.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs West Indies, 3rd T20I Match Scorecard: इंदौर में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के सामने रखा 224 रनों का लक्ष्य, अभिषेक शर्मा ने खेली तूफानी पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Pakistan vs Sri Lanka, 2nd T20I Match Scorecard: रावलपिंडी में पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने रखा 216 रनों का लक्ष्य, माज़ सादाकत ने खेली 96 रनों की विस्फोटक पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

India vs West Indies, 3rd T20I Match Live Score Update: इंदौर में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा है सीरीज का तीसरा मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

India vs West Indies, 3rd T20I Match Live Toss And Scorecard: इंदौर में वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड