देश की खबरें | आईआईटी दिल्ली के छात्र मिश्रित प्रारूप में परीक्षा को लेकर आशंकित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन का मिश्रित प्रारूप में परीक्षा लेने का फैसला सभी के लिये समान अवसर नहीं प्रदान करता है।

नयी दिल्ली, 13 नवंबर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन का मिश्रित प्रारूप में परीक्षा लेने का फैसला सभी के लिये समान अवसर नहीं प्रदान करता है।

संस्थान के अधिकारियों ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक परीक्षा आयोजित की जायेगी जहां छात्र घर से या परिसर आकर उपस्थित हो सकते हैं और इसमें भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है।

वहीं, छात्रों का कहना है कि जो छात्र परिसर आते हैं, उन्हें अपने विभाग को सूचना देनी होगी और कक्षा में परीक्षा देनी होगी और जो छात्र नहीं लौटे हैं, उनके पास आनलाइन माध्यम से परीक्षा देने का विकल्प होगा और इससे एकरूपता नहीं बन पायेगी ।

इस संबंध में आईआईटी छात्रों ने ऑनलाइन याचिका अभियान शुरू किया है और इस पर 650 हस्ताक्षर हैं ।

इसमें कहा गया है कि सभी लोग शामिल नहीं हो रहे, इसका अर्थ यह है काफी संख्या में छात्र अपनी सुविधा के अनुसार घर से परीक्षा देंगे ।

याचिका में कहा गया है कि ऐसी स्थिति नहीं हो सकती जहां 50 प्रतिशत छात्र परीक्षा घर से दें और शेष छात्रों को केंद्र पर उपस्थित होकर परीक्षा देने को कहा जाए । परीक्षा के लिये माहौल महत्वपूर्ण और इस भेदभाव से एकरूपता नहीं बन पायेगी ।

संस्थान के अकादमिक डीन शांतनु राय ने कहा, ‘‘ इसमें पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है । जब तक छात्र परिसर में है, तब तक कक्षा में आने और परीक्षा देने में मुझे कोई समस्या नजर नहीं आती। परीक्षा उनके लिये ही है और कक्षा में उपस्थित होने में क्या बुराई है। ’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\