इंदौर (मध्य प्रदेश), 30 सितंबर भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) देश के अन्य नगरीय निकायों के कर्ता-धर्ताओं को साफ-सफाई और कचरे के निपटारे के गुर सिखाएगा। इसके लिए संस्थान ने आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्रालय से हाथ मिलाया है। आईआईएम इंदौर के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आईआईएम इंदौर और केंद्रीय मंत्रालय के बीच हुए करार (एमओयू) के तहत देश के सबसे स्वच्छ शहर के इस प्रबंधन शिक्षा संस्थान में एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।
आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने बताया कि उनके संस्थान में इस केंद्र की स्थापना के लिए मंत्रालय ने 19.95 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।
उन्होंने बताया, ‘‘यह केंद्र देश भर के शहरों के महापौरों, वॉर्ड पार्षदों और प्रशासकों के लिए विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाएगा ताकि स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर नगरीय निकायों की क्षमता मजबूत हो सके।’’
गौरतलब है कि ‘‘3 आर’’ (रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल) के स्वच्छता मॉडल को कुशलता से अमली जामा पहनाने के कारण इंदौर, केंद्र सरकार के सर्वेक्षणों में लगातार पांच सालों से देश भर में अव्वल बना हुआ है।
नगर निगम के स्थानीय अधिकारियों ने भरोसा जताया कि ‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2022’’ में भी इंदौर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पायदान पर बरकरार रहेगा।
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