कोलकाता, 11 सितंबर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया और निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि अगर महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर राजघाट पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो उनकी पार्टी के लोग वहां प्रार्थना करेंगे।
ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी को केंद्र के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भेजे गए समन की भी निंदा की।
अभिषेक बनर्जी को सरकारी स्कूल में नौकरियों से जुड़े कथित घोटाले के साथ-साथ कथित गाय तस्करी से जुड़े एक अन्य मामले में भी आरोपी बनाया गया है।
टीएमसी प्रमुख ममता ने अभिषेक बनर्जी को समन भेजे जाने को एक युवा नेता को डराने-धमकाने की कोशिश करार दिया।
हालांकि, विभिन्न मुद्दों पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस के साथ वाकयुद्ध में उलझी रहीं ममता बनर्जी ने बोस द्वारा राज्य सरकार और उन्हें भेजे गए संदेशों पर प्रकाश डाला।
ममता ने अपने आगामी विदेश दौरे को लेकर बताया कि राज्यपाल ने केवल इतना कहा, ‘‘आगामी विदेश यात्रा के लिए (आपको) शुभकामनाएं। ’’
ममता बनर्जी मंगलवार को राज्य में निवेश की संभावना तलाशने के लिए दुबई और स्पेन की यात्रा पर जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं पांच साल बाद विदेश जा रही हूं, इससे पहले विदेश यात्रा के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी, हालांकि मेरे पास कई कार्यक्रमों के आमंत्रण आए थे।’’
ममता बनर्जी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस हमारी दुश्मन नहीं है, लेकिन वे हमें राजघाट पर विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं दे पाएंगे, क्योंकि यह एक राजनीतिक अपील होगी। हालांकि, हम अभी भी वहां प्रार्थना करने जा सकते हैं, यह हमेशा अनुमति योग्य है।’’
टीएमसी ने पश्चिम बंगाल को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का बकाया जारी न करने के खिलाफ राजघाट सहित दिल्ली के तीन स्थानों पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी।
ममता ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी ''प्रतिशोधात्मक'' प्रतीत होती है।
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