मांड्या (कर्नाटक), आठ अक्टूबर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वह तपस्या में विश्वास करते हैं, जो उनका स्वभाव है और वह आम लोगों से सीधे बातचीत करना एवं उनकी पीड़ा साझा करना चाहते हैं।
पिछले एक महीने से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे राहुल गांधी ने कहा कि उनका अब तक का अनुभव शानदार रहा है, क्योंकि जनता के साथ संवाद का इससे बेहतर माध्यम कुछ नहीं हो सकता।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं तपस्या में विश्वास करता हूं। यही मेरा और मेरे परिवार का हमेशा स्वभाव रहा है। इसलिए मैं लोगों से बातचीत करना चाहता था।’’
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन वह हमेशा सच के साथ खड़े हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ने के कारण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘2019 के त्यागपत्र में जो मैंने कहा था, उसे पढ़ लीजिए।’’
देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश बेरोजगारी की त्रासदी की तरफ बढ़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि आजादी की लड़ाई के समय आरएसएस के लोग अंग्रेजों के साथ थे और आज समाज को बांट रहे हैं।
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