जरुरी जानकारी | घर खरीदने की सामर्थ्य दो साल में घटी, अगले साल सुधार की उम्मीद: जेएलएल

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नयी दिल्ली, 10 दिसंबर घरों की कीमतें बढ़ने और कर्ज महंगा होने से पिछले दो साल में देश के सात प्रमुख शहरों में लोगों की घर खरीदने की सामर्थ्य प्रभावित हुई है लेकिन अगले साल रेपो दर कम होने पर हालात सुधर सकते हैं।

रियल एस्टेट परामर्श कंपनी जेएलएल इंडिया ने एक रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया है। इसमें उम्मीद जताई गई है कि नीतिगत रेपो दर में अगले साल कटौती होने से घर खरीद सामर्थ्य बढ़ेगी। इससे घरों की बिक्री को और बढ़ावा मिलेगा।

हालांकि आवासीय संपत्ति की कीमतों में वृद्धि और आवास ऋण पर ब्याज दरें बढ़ने के बावजूद बीते दो वर्षों में घरों की बिक्री बढ़ी है।

परामर्श फर्म ने रविवार को अपना ‘घर खरीद सामर्थ्य सूचकांक’ (एचपीएआई) जारी किया। इस सूचकांक से पता चलता है कि औसत वार्षिक आय (समग्र शहर स्तर पर) कमाने वाला एक परिवार मौजूदा बाजार मूल्य पर शहर में संपत्ति पर आवास ऋण के लिए पात्र है या नहीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, “वैश्विक मंदी और मुद्रास्फीति के रुझानों को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साल 2022 में रेपो दर बढ़ाने और मजबूत मांग से कीमतों में बढ़ोतरी होने से घर खरीदने की सामर्थ्य घटी। पिछले साल की तुलना में वर्ष 2023 में सामर्थ्य स्तर के कुछ और बिगड़ने या यथावत रहने की आशंका है।”

परामर्श फर्म ने कहा कि मजबूत मूल्य वृद्धि का मुकाबला रेपो दर में स्थिरता, मुद्रास्फीति में गिरावट और घरेलू आय में अपेक्षाकृत उच्च वृद्धि से किया गया है।

इसके साथ ही जेएलएल ने अगले साल रेपो दर में 0.6 से 0.8 प्रतिशत तक की गिरावट का अनुमान जताया है। ऐसा होने पर घर खरीदने की सामर्थ्य में सुधार हो सकता है।

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