जयपुर, 11 जुलाई राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने के अपने फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए सोमवार को कहा कि यह फैसला मानवीय दृष्टिकोण से पूरी तरह सोच समझ कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को भी आगे आकर इस पर सकारात्मक रूप से विचार करना चाहिए।
गहलोत ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये राज्य कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'अगर मैं ओपीएस की बात करूं तो वह एक ऐतिहासिक फैसला है।'
उन्होंने कहा कि शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जयपुर आए थे, उन्होंने उनसे आग्रह किया था कि भारत सरकार भी इस बारे में विचार करे।
गहलोत ने कहा, 'हमने मानवीय दृष्टिकोण से ओपीएस लागू की है और इसमें कोई राजनीति नहीं है। राजनीति तो स्वत: ही हो जाती है, अच्छा काम करते हैं तो राजनीति हो जाती है।'
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ओपीएस लागू करने का फैसला आनन फानन में नहीं बल्कि बहुत सोच विचार के बाद में किया गया है।
उन्होंने कहा, 'बहुत सोच समझ कर फैसला किया है। छत्तीसगढ़ ने भी लागू करने की घोषणा की है। अन्य राज्यों में चर्चा चल रही है। कई जगह समिति बनाई है। मैं समझता हूं कि केंद्र सरकार को (इसे पुनः लागू करने के लिए) आगे आना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को संघवाद की भावना के तहत इस योजना को लेकर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। गहलोत ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्रीय हिस्से में कटौती पर भी चिंता जताई।
उल्लेखनीय है कि गहलोत ने 2022-23 के बजट भाषण में राज्य कर्मचारियों के लिए ओपीएस फिर से लागू करने की घोषणा की थी।
पृथ्वी कुंज
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