विदेश की खबरें | हिंदू और सिख संगठन अंग दान प्रोत्साहन योजना के लिए एनएसएच का हिस्सा
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(एचएस राव)
लंदन, 30 जून ब्रिटेन में रह रहे हिंदू, सिख और जैन समुदाय के संगठनों सहित कुल 25 संगठन ऐसे हैं जिन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) द्वारा चलाए जा रहे रक्त और प्रतिरोपण योजना के अंतर्गत काले, एशियाई और अल्पसंख्यक नस्लीय समुदाय में अंग दान को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय मदद मिल रही है।
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एनएचएस रक्त एवं प्रतिरोपण बीएएमई (काले, एशियाई और अल्पसंख्यक नस्लीय) समुदाय निवेश योजना के तहत अब तक इन 25 समुदाय नीत संगठनों को इन समूहों में अंगदान के लिए जागरूक करने के लिए 1,40,977 पाउंड वितरित किए गए हैं।
बीएएमई समुदाय निवेश योजना के तहत सितंबर 2018 में पहली बार अनुदान दिया गया था और इसमें हुई प्रगति मूल्यांकन रिपोर्ट इस महीने प्रकाशित की गई जिसमें परियोजना की उपलब्धियों की जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक 13 परियोजनाओं को 2,499 पाउंड और 12 योजनाओं को 2500 पाउंड से अधिक राशि आवंटित की गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि अंग दान के लिए 200 से अधिक सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और इनमें 1,30,000 लोग शामिल हुए। करीब 4,000 लोगों ने संवाद में हिस्सा लिया और अंग दान संबंधी जानकारी ली जबकि 8,000 लोग बातचीत या कार्यशाला में शामिल हुए।
सर्वेक्षण में खुलासा हुआ था कि इंग्लैंड में रह रहे काले और एशियाई समुदाय में श्वेत लोगों के मुकाबले अंगदान के प्रति जागरूकता कम है और वो अंगदान में कम सहयोगात्मक रवैया अपनाते हैं जिसके बाद यह योजना लागू की गई।
इसके बाद धर्म और समुदाय के आधार पर बने संगठनों को भ्रांतियों को दूर करने और अंगदान में सहयोग करने के लिए योजना को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई।
बीएपीएस स्वामीनरायण संस्था के माध्यम से स्थानीय हिंदू समुदाय तक पहुंचा गया और सोशल मीडिया, ई-मेल और पर्चों के जरिये जागरूकता पैदा की गई।
अन्य संगठन जिन्होंने इस जागरूकता अभियान में साझेदारी की है वे हैं वानिक काउंसिल ब्रिटेन, लीसेस्टर का संतोष समुदाय केंद्र सीआईसी, लाइटसीकर लिमिटेड, सेवा डे, लंकाशायर बीएमआर नेटवर्क, सिटी सिख, ब्रिटिश सिख नर्सेज और कुरान क्लब।
एनएचएस रक्त और प्रतिरोपण की प्रमुख मिल्ली बनर्जी ने कहा, ‘‘क्योंकि बीएएमई समुदाय निवेश योजना का उद्देश्य अंग दान को लेकर बातचीत करना है, इसका प्रभाव केवल अंगदान की संख्या के आधार पर नहीं मापा जा सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, यह स्पष्ट है कि इस नवोन्मेषी योजना से विभिन्न धर्मों और समुदायों तक पहुंचे हैं और उन्हें अभियान में शामिल किया है एवं समुदायों ने अंगदान के प्रति तथ्यों को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
योजना का दूसरा चरण अभी चल रहा है और 1,90,000 पाउंड और इन 25 समुदायों में वितरित किए जाएंगे, जिनकी अंगदान को लेकर ब्रिटिश कानूनों के प्रति लोगों की समझ बढ़ाने में अहम भूमिका है।
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