ताजा खबरें | हिमाचल की ‘तालाबाज सरकार’ ने भर्ती आयोग को बंद किया: मोदी
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्मचारी चयन आयोग को बंद करने के लिए शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को ‘तालाबाज सरकार’ करार दिया और कहा कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी अयोध्या के राम मंदिर पर भी ‘ताला’ लगाने का इरादा रखती है।
शिमला, 24 मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्मचारी चयन आयोग को बंद करने के लिए शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को ‘तालाबाज सरकार’ करार दिया और कहा कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी अयोध्या के राम मंदिर पर भी ‘ताला’ लगाने का इरादा रखती है।
सिरमौर जिले के नाहन में ‘विजय संकल्प’ रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को देने की साजिश रची जा रही है।
मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ के नारे से की और फिर स्थानीय देवी-देवताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिरमौर आना घर वापस आने जैसा होता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए न तो नाहन नया है और न ही सिरमौर लेकिन मुझे कहना पड़ेगा कि आज का माहौल नया है क्योंकि मैंने नाहन में ऐसी ऐतिहासिक रैली नहीं देखी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां अपने या अपने परिवार के लिए नहीं, बल्कि एक विकसित राष्ट्र और विकसित हिमाचल के लिए भाजपा के तीसरे कार्यकाल के लिए आपका आशीर्वाद लेने आया हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग सीमा पर रहते हैं और एक मजबूत राष्ट्र के मूल्य को जानते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचने दूंगा।’’
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी) को भंग करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि युवाओं को एक लाख नौकरियां देना तो दूर की बात है, कांग्रेस की ‘तालाबाज सरकार’ ने भर्ती आयोग पर ताला लगा दिया।
पिछले साल फरवरी में, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने एचपीएसएससी को भंग कर दिया था। इसका कामकाज दिसंबर 2022 में पेपर लीक के एक मामले के खुलासे के बाद निलंबित कर दिया गया था।
पिछले साल अक्टूबर में, राज्य सरकार ने हमीरपुर स्थित एचपीएसएससी को बदलने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) के गठन की अधिसूचना जारी की थी।
मोदी ने आगे कहा, ‘‘कांग्रेस ने राम मंदिर का विरोध किया और हमें ‘मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे’ जैसे नारों के साथ चिढ़ाया। हमने न केवल तारीख घोषित की, बल्कि प्राण प्रतिष्ठा (राम मंदिर की) भी की और कांग्रेस ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए इसका बहिष्कार किया।’’
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के एक शीर्ष नेता के सहयोगी ने कहा है कि अगर पार्टी लोकसभा चुनाव जीतती है तो अयोध्या में राम मंदिर पर ताला लगाने और रामलला को फिर से तंबू में स्थानांतरित करने की साजिश रची जा रही है।
मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर मुस्लिमों को देने की साजिश रची जा रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक में पहले ही ऐसा कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार की ओर से 77 वर्गों के मुसलमानों को दिए गए ओबीसी प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अदालत के आदेश का सम्मान नहीं कर रही हैं।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में 2010 से कई वर्गों को दिए गए ओबीसी दर्जे को बुधवार को अवैध करार देते हुए कहा कि पिछड़ी श्रेणियों की सूची में मुसलमानों के 77 वर्गों को शामिल करना ‘उन्हें वोट बैंक के रूप में समझने’ जैसा है।
मोदी ने कहा कि ऊंची जातियों में भी गरीब लोग हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने उच्च जाति के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत कोटा प्रदान किया है, लेकिन इसे किसी अन्य जाति से नहीं छीना है।
मोदी ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की मांग को स्वीकार नहीं करने के लिए भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 40 साल तक ओआरओपी की मांग को स्वीकार नहीं किया लेकिन 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले हरियाणा के झज्जर में पूर्व सैनिकों की एक रैली में उनके यह ऐलान करने के बाद कि भाजपा इसे लागू करेगी, कांग्रेस ने इस योजना के लिए महज 500 करोड़ रुपये निर्धारित कर पूर्व सैनिकों का 'अपमान' किया।
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