नयी दिल्ली, 20 जनवरी दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने शुक्रवार को कहा कि यमुना नदी की सफाई के लिए संबंधित विभागों ने आठ मानकों पर छह महीने की कार्य योजना पर सहमति जताई है।
उपराज्यपाल ने यमुना की सफाई के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा नियुक्त एक नयी उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
एनजीटी ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली के उपराज्यपाल से समिति का नेतृत्व करने का आग्रह किया था।
सक्सेना ने ट्वीट किया, ‘‘यमुना की सफाई/कायाकल्प के लिए माननीय एनजीटी द्वारा नौ जनवरी को गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत सरकार और दिल्ली सरकार के संबंधित विभागों / एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।’’
उन्होंने कहा कि संबधित विभागों ने आठ मापदंडों पर छह महीने की एक कार्ययोजना पर सहमति जताई है। इनमें मल जल शोधन क्षमता में वृद्धि, नालियों की सफाई, अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में ‘‘सीवेज नेटवर्क’’ स्थापित करना शामिल हैं।
सक्सेना ने अधिकारियों से कहा कि यह काम मुश्किल है लेकिन इसे पूरा किया जा सकता है। उन्होंने निश्चित समयसीमा को बढ़ाए बिना मिशन मोड में फैसलों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से किसी भी चूक को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समिति को अपनी पहली रिपोर्ट 31 जनवरी से पहले एनजीटी को सौंपने को कहा गया है।
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