देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार सदस्यों की याचिका पर एनआईए से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चार सदस्यों की उस याचिका पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से बृहस्पतिवार को जवाब मांगा, जिसमें आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को शामिल करने और प्रशिक्षण के एक मामले में उम्रकैद की सजा को चुनौती दी गई है।
नयी दिल्ली, 19 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चार सदस्यों की उस याचिका पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से बृहस्पतिवार को जवाब मांगा, जिसमें आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को शामिल करने और प्रशिक्षण के एक मामले में उम्रकैद की सजा को चुनौती दी गई है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने चार अलग-अलग याचिकाओं पर नोटिस जारी किया और एनआईए से अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
अदालत मामले की अगली सुनवाई मार्च में करेगी।
गौरतलब है कि 28 नवंबर, 2022 को यहां की एक निचली अदालत ने बिलाल अहमद मीर, सज्जाद अहमद खान, मुजफ्फर अहमद भट और मेहराज उद दीन चोपन को दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इनके अलावा इश्फाक अहमद भट को भी आजीवन कारावास और तनवीर अहमद गनी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है।
निचली अदालत ने माना था कि सभी दोषी भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश में शामिल थे।
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