देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने देरी को लेकर एनएचएआई की अपील खारिज की

बेंगलुरु, पांच अगस्त कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक भूस्वामी के पक्ष में जारी आदेश के विरुद्ध भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की अपील खारिज कर दी।

अदालत ने अपील दायर करने में हुई 270 दिनों की देरी माफ करने से इनकार कर दिया।

मांड्या की एक सत्र अदालत ने 30 मार्च 2021 को मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के तहत भूस्वामी के पक्ष में आदेश जारी किया था। एनएचएआई ने 605 दिनों बाद उच्च न्यायालय का रुख किया था।

इस बीच भूस्वामी मीरा शिवलिंगैया ने सत्र अदालत के आदेश पर अमल करने का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर कर दी थी।

एनएचएआई ने इस याचिका पर अपनी आपत्ति दाखिल की तथा फिर वह सत्र अदालत के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील की।

अपील का विरोध करते हुए मीरा शिवलिंगैया ने दलील दी कि ‘‘अपील में हुई देरी के लिए सिर्फ यह बताया गया था कि इस मामले को कानूनी परामर्श के लिए भेजा गया था और फाइल वापस नहीं मिली और इसका पता नहीं चल सका, यह कोई अकाट्य कारण नहीं है।’’

उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एच. पी. संदेश ने हाल में अपने फैसले में कहा कि बस इतनी बात को लेकर कि सरकार इसमें शामिल है, देरी को माफ नहीं किया जा सकता है।

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