नयी दिल्ली, चार दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की उस याचिका पर छह दिसंबर को सुनवाई करेगा जिसमें उसने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अपने खिलाफ धनशोधन निरोधक कानून के तहत दर्ज मामले को निरस्त करने का आग्रह किया है। ईडी ने यह मामला वर्ष 2017 के निर्वाचन आयोग रिश्वत मामले के सिलसिले में दर्ज किया है।
चंद्रशेखर पर आरोप लगाया गया था कि उसने तमिलनाडु में उपचुनाव लड़ने के लिए वीके शशिकला गुट के लिए पार्टी का चुनाव चिह्न ‘दो पत्तियां’ हासिल करने के लिए अन्नाद्रमुक के पूर्व नेता टीटीवी दिनाकरण से पैसे लिए थे।
न्यायमूर्ति अमित शर्मा, जिनके समक्ष मामला सुनवाई के लिए आया, ने इस मामले को विधायकों/सांसदों से जुड़े मामलों से निपटने वाली पीठ को स्थानांतरित कर दिया।
चंद्रशेखर ने धन शोधन मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) और अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) को रद्द करने का अनुरोध किया। याचिका में उसने निचली अदालत को यह निर्देश देने की भी मांग की कि वह उसके समक्ष लंबित आपराधिक मामले पर आगे नहीं बढ़े।
ईडी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने दलील दी कि इसी तरह के अनुरोध के साथ चंद्रशेखर द्वारा दायर एक याचिका पहले से ही उच्च न्यायालय में लंबित है। इसके जवाब में चंद्रशेखर के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता की पिछली याचिका में उसके खिलाफ आरोप तय करने को चुनौती दी गई थी।
चंद्रशेखर के खिलाफ धनशोधन की जांच 2017 के दिल्ली पुलिस के मामले से संबंधित है जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने तमिलनाडु की आर. के. नगर विधानसभा सीट के उपचुनाव में वीके शशिकला गुट के लिए पार्टी के 'दो पत्ते' चुनाव चिह्न को सुरक्षित करने के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए पूर्व अन्नाद्रमुक नेता टीटीवी दिनाकरण से पैसे लिए थे।
वर्ष 2019 में उच्च न्यायालय ने रिश्वत मामले में दिनाकरण और चंद्रशेखर के खिलाफ मामले में सुनवाई पर रोक लगा दी थी।
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