देश की खबरें | नफरत को नफरत से नहीं हराया जा सकता: मदनी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी की जघन्य हत्या और कुछ अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि ऐसी प्रतिक्रिया की इजाजत इस्लाम नहीं देता और नफरत को नफरत से नहीं हराया जा सकता।

नयी दिल्ली, छह जुलाई देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी की जघन्य हत्या और कुछ अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि ऐसी प्रतिक्रिया की इजाजत इस्लाम नहीं देता और नफरत को नफरत से नहीं हराया जा सकता।

उन्होंने जमीयत की ओर से आयोजित ‘सद्भावना सम्मेलन’ में कहा कि जो लोग ऐसी घटनाओं को क्रिया की प्रतिक्रिया कहते हैं वे ‘बेईमान’ हैं।

मदनी ने कहा, ‘‘देश में जो हालात चल रहे हैं, अगर ऐसे चलते रहे तो नुकसान किसी विशेष धर्म या समुदाय का नहीं, देश का होगा। हमारी सरकार और देश के बड़े लोगों का सपना है कि भारत विश्वगुरू के रूप में अपनी पहचान बनाए। विश्वगुरू बनने का अधिकार भारत का है। लेकिन यह अधिकार वे लोग छीन रहे हैं जो नफरत के सौदागर हैं।’’

उन्होंने उदयपुर और कुछ अन्य जगहों पर हुई हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हाल के दिनों में कुछ घटनाएं हुई हैं। अगर कोई कहता है कि यह क्रिया की प्रतिक्रिया है तो वह बेईमान है। इस्लाम किसी प्रतिक्रिया की इजाजत नहीं देता है, इस तरह की प्रतिक्रिया की इजाजत तो बिल्कुल नहीं देता।’’

मदनी ने कहा, ‘‘इस्लाम में इजाजत है तो इसकी है कि आप मोहब्बत का पैगाम दें। नफरत का इलाज नफरत नहीं है। अगर आग लगी है तो पानी की जरूरत होती है, आग की जरूरत नहीं होती है। नफरत का इलाज मोहब्बत है।’’

इस कार्यक्रम में जैन धर्मगुरू आचार्य लोकेश मुनि और सिख, ईसाई एवं बौद्ध समुदायों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

हक

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