देश की खबरें | हरियाणा हिंसा: भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने के लिए नूंह का दौरा किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल हिंसा प्रभावित नूंह जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने तथा स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को जिले में पहुंचा। हालांकि आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रतिनिधिमंडल को नूंह जाने के रास्ते में ही रोक दिया गया।
गुरुग्राम, नौ अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल हिंसा प्रभावित नूंह जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने तथा स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को जिले में पहुंचा। हालांकि आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रतिनिधिमंडल को नूंह जाने के रास्ते में ही रोक दिया गया।
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने किया।
पुलिस ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, विधायक एवं प्रदेश महासचिव मोहन लाल बदौली, सोहना के विधायक संजय सिंह और राज्य के मंत्री समय सिंह भाटी शामिल हैं।
आप की हरियाणा इकाई के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रोजका मेव थानाक्षेत्र के रेवासन गांव में प्रवेश करने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कर्फ्यू लगे होने के मद्देनजर इस प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया गया एवं वापस भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आप के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई पार्टी के राज्यसभा सदस्य डॉ. सुशील गुप्ता कर रहे थे जबकि अुनराधा शर्मा, मनीष यादव, मुकेश डागर, धमेंद्र खटाना, धीरज यादव और मीनू सिंह उसके अन्य सदस्य थे।
गुप्ता ने कहा, ‘‘ भाजपा के लोगों को जाने दिया गया जबकि हमें रोक दिया गया। हम दंगे के पीड़ितों से मिलना चाहते थे तथा मंदिर एवं मस्जिद जाना चाहते थे। भाजपा किस बात से डरी हुई है?’’
जिला आयुक्त धीरेंद्र खडगाटा ने कहा कि प्रशासन ने पहले स्पष्ट किया था कि कोई भी राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ स्थिति पर चर्चा करने के लिए नूंह का दौरा कर सकता है।
उन्होंने बताया कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वह अधिकारियों से मिलना चाहता है लेकिन कांग्रेस, आप और भाकपा के प्रतिनिधिमंडल इलाके में जाना चाहते थे और लोगों से बातचीत करना चाहते थे इसलिए उन्हें जाने नहीं दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को नूंह जिले के हिंसा प्रभावित गांवों में जाने से रोक दिया गया था।
उससे पहले रविवार को पुलिस ने निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भी नहीं जाने दिया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)