देश की खबरें | गुजरात: भूमि संबंधी नये कानून के खिलाफ 14 गांवों के आदिवासियों ने किया प्रदर्शन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ के आसपास के 14 गांवों के सैकड़ों आदिवासियों ने विकास के नाम पर कथित तौर पर उनकी जमीन छीने जाने को रोकने की मांग करते हुए रविवार को मानव श्रृंखला बनाई और प्रदर्शन किया।
राजपीपला (गुजरात) , 13 सितंबर ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ के आसपास के 14 गांवों के सैकड़ों आदिवासियों ने विकास के नाम पर कथित तौर पर उनकी जमीन छीने जाने को रोकने की मांग करते हुए रविवार को मानव श्रृंखला बनाई और प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि 2007 में आज ही के दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मूल निवासियों के अधिकारों का घोषणापत्र (यूएनडीआरआईपी) स्वीकार किया था।
राज्य के पूर्वी हिस्से के 16 जिलों में फैले 50 आदिवासी बहुल तालुका के प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में लागू ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र विकास एवं पर्यटन शासन अधिनियम ’ रद्द करने की मांग की।
यह अधिनियम सरकार को सरदार वल्लभभाई पटेल की इस विशाल मूर्ति के चारों आर विकास योजनाओं के लिये गांवों में भूमि अधिग्रहण करने का अधिकार देता है।
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प्रदर्शन का आयोजन आदिवासीय समन्वय मंच द्वारा किया गया, जो शांतिपूर्ण रहा।
कार्यकर्ता प्रफुल्ल वासव ने दावा किया कि राज्य सरकार आदिवासियों को विस्थापित करने की प्रक्रिया में जबरन भूमि छीन रही है और मूल निवासियों की संस्कृति को गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह मांग करते हैं कि सरकार हमें पंचायत(अनुसूचित क्षेत्र तक विस्तार) अधिनियम के तहत अधिकार प्रदान करे। ’’
नर्मदा जिले के पुलिस अधीक्षक हिमकार सिंह ने कहा कि यह प्रदर्शन राज्य के अन्य हिस्से में आदिवासियों द्वारा किये गये प्रदर्शन के समान था, जो मूल निवासियों के अधिकार दिवस पर किये गये।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था।
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