जरुरी जानकारी | जीएसटी अधिकारियों ने 43 करोड़ की आईटीसी धोखाधड़ी में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जीएसटी अधिकारियों ने जाली दस्तावेजों पर फर्जी फर्म बनाने और 43 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी का लाभ उठाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 11 मार्च जीएसटी अधिकारियों ने जाली दस्तावेजों पर फर्जी फर्म बनाने और 43 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी का लाभ उठाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी सतर्कता महानिदेशालय की गुरुग्राम क्षेत्रीय यूनिट ने हरियाणा के रवींद्र कुमार (उर्फ रविंदर गर्ग) को जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसके अलावा उसके ऊपर असली रसद या माल व सेवाओं की वास्तविक आपूर्ति के बिना फर्जी दस्तावेजों के सहारे आईटीसी लेने का आरोप है।

मंत्रालय ने कहा कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि कुमार ने हरियाणा, नयी दिल्ली और झारखंड स्थित कई स्वामित्व वाली, साझेदारी फर्म और प्रा. लिमिटेड कंपनियां बनायी।

आगे बताया गया कि "रविंदर फरार था और उसने अपने ठिकानों को बदल रखा था। अधिकारी लगातार उसके ठिकानों पर नजर रख रहे थे। लंबे समय तक सक्रिय निगरानी के बाद भी उसे दबोचने में सफलता मिली।’’

उसने दो निजी लिमिटेड कंपनियों, एक पार्टनरशिप फर्म और कई प्रोप्राइटरशिप फर्म बनाना स्वीकार किया है। इन कंपनियों ने 237.98 करोड़ रुपये के सामान के चालान बनाये हैं और फर्जी आईटीसी पर 43 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का लाभ उठाया है।

कुमार को नौ मार्च को गिरफ्तार किया गया जिसके बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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