जरुरी जानकारी | सकल कर राजस्व 2021-22 में 22.17 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने सोमवार को एक अप्रैल से शुरू अगले वित्त वर्ष में सकल कर राजस्व 16.67 प्रतिशत बढ़कर 22.17 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया।
नयी दिल्ली, एक फरवरी सरकार ने सोमवार को एक अप्रैल से शुरू अगले वित्त वर्ष में सकल कर राजस्व 16.67 प्रतिशत बढ़कर 22.17 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया।
संशोधित अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष के लिये सकल कर राजस्व 19 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। यह बजट में पूर्व के अनुमान 24.23 लाख करोड़ रुपये से कम है।
आर्थिक मामलों के सचिव तरूण बजाज ने कहा, ‘‘हमारा राजस्व का लक्ष्य संभावना से कम ही है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं पेश किया गया है। हमने बाजार मूल्य पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 14.4 प्रतिशत लिया है और राजस्व में 16.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। अत: उछाल केवल 1.16 प्रतिशत है। हमें उम्मीद है कि हम इससे अधिक प्राप्त करेंगे।’’
वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी कर संग्रह 22.65 प्रतिशत बढ़कर 5.47 लाख कराड़ रुपये, व्यक्तिगत आयकर 22 प्रतिशत बढ़कर 5.61 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान रखा गया है।
सीमा शुल्क संग्रह अगले वित्त वर्ष में 21.43 प्रतिशत बढ़कर 1.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में संशोधित अनुमान के अनुसार इसके 1.12 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
उत्पाद शुल्क से प्रप्ति 2021-22 में 3.35 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो चालू वित्त वर्ष के 3.61 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से कम है।
केंद्र का क्षतिपूर्ति उपकर समेत जीएसटी राजस्व अगले वित्त वर्ष में 6.30 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में यह 5.15 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
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