जरुरी जानकारी | सरकार जिला कौशल समिति, लक्षित कौशल प्रशिक्षण पर देगी ध्यान: पांडे

नयी दिल्ली, 15 जुलाई केंद्रीय मंत्री महेन्द्र नाथ पांडे ने बुधवार को कहा कि सरकार की नजर जिला कौशल समिति को मजबूत बनाने और लक्षित प्रशिक्षण को लेकर मांग आधारित परिवेश बनाने पर है और इसको देखते हुए प्रमुख कौशल विकास योजना पीएमकेवीवाई-3 प्रारंभ करने को मंजूरी दे दी गयी है।

विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री पांडे ने कहा कि अधिकार प्राप्त समूह ने ऐसे 116 जिलों की पहचान की है जहां ‘लॉकडाउन’ के दौरान 25,000 से अधिक प्रवासी मजदूर लौटे।

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उन्होंने कहा कि इन प्रवासी मजदूरों को प्रशिक्षण देने के लिये प्रयास जारी हैं ताकि उन्हें उनके घर के आसपास ही काम मिल जाए।

मंत्री ने कहा कि जो प्रवासी श्रमिक उन कंपनियों या उद्योगों में लौटना चाहते हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा और प्रारंभिक शिक्षण मान्यता प्रदान की जाएगी जिससे उनकी कमाई की संभावना बेहतर होगी।

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एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकस योजना-3 (पीएमकेवीवाई) के आरंभिक चरण को एक साल (2020-21) के लिये मंजूरी मिल गयी है।

मंत्री ने वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये अपने संबोधन में कहा कि देश के युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप हुनरमंद बनाने को लेकर पूरा परिवेश तैयार किया जा रहा है।

पांडे ने कहा, ‘‘हम विभिन्न कौशल प्रशिक्षण को लेकर अपनी ऊर्जा लगाएंगे। हम युवाओं को नई प्रोद्योगिकी के समर्थन से इस रूप से प्रशिक्षित करेंगे ताकि वे राष्ट्र के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर उद्योग की मांग को पूरा कर सके। जन शिक्षण संस्थान, अल्पकालीन और दीर्घकालीन प्रशिक्षण, प्रारंभिक शिक्षण मान्यता (आरपीएल) और विशेष परियोजनाओं से निश्चित रूप से कौशल परिवेश को बढ़ावा मिला है और हुनर की मांग और आपूर्ति का अंतर कम करने में मदद मिली है।’’

कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री आर के सिंह ने सभी क्षेत्रों में प्रमुख उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के लिये कौशल परिषदों पर काम करने की जरूरत पर बल दिया।

सिंह ने कहा, ‘‘हमें प्रशिक्षण से जुड़े ढांचागत सुविधा और प्रशिक्षुओं की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है। उम्मीद है कि पीएमकेवीवाई-3 इन कमियों को दूर करेगी।’’

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