ताजा खबरें | राष्ट्रीय एयरो स्पोर्ट्स नीति में तेजी लाए सरकार: संसदीय समिति

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने देश में एयरो स्पोर्ट की संभावनाओं के मद्देनजर नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा रुचि ना लेने पर चिंता जताते हुए इसके लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है।

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर संसद की एक समिति ने देश में एयरो स्पोर्ट की संभावनाओं के मद्देनजर नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा रुचि ना लेने पर चिंता जताते हुए इसके लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है।

राज्यसभा में शुक्रवार को पेश की गई परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट में क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) कार्यक्रम के अधीन नए हवाई अड्डों का संचालन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की सिफारिश की।

समिति ने कहा कि एयरो स्पोर्ट साहसिक खेलों में से एक है और भारत में इसकी काफी संभावनाएं हैं तथा यह देश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के रूप में भी कार्य कर सकता है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार पैदा हो सकता है।

इसके बावजूद वित्त मंत्रालय द्वारा एयरो स्पोर्ट के विकास के लिए केवल एक करोड़ का ‘‘सांकेतिक’’ आवंटन किए जाने पर चिंता जताते हुए समिति ने कहा कि इस आशाजनक क्षेत्र में नागर विमानन मंत्रालय द्वारा दिखाई गई कम रुचि से भी वह चिंतित है।

समिति ने अपनी सिफारिश में कहा, ‘‘मंत्रालय को राष्ट्रीय एयरो स्पोर्ट्स नीति तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए। यह देश में एयरो स्पोर्ट के संगठित विकास को सुनिश्चित करेगी और उसे बढ़ावा देने के लिए संस्थानों से प्राप्त किसी भी प्रस्ताव की सक्रिय रूप से जांच करेंगी।’’

समिति ने इस बात पर चिंता जताई कि इस एटीसीओ की जनशक्ति आवश्यकताओं को देखने के लिए बनाई गई समिति की बैठकें उसकी दो सदस्यों की सेवानिवृत्ति और पदोन्नति के बाद आयोजित नहीं की जा सकी।

उसने उम्मीद जताई कि मंत्रालय इस तरह के प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक मुद्दों को पहले से ही अनुमान लगाए और नए हवाई अड्डे के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एटीसीओ की भविष्य की जनशक्ति आवश्यकतों के मुख्य मुद्दे को संबोधित करते हुए तेजी से हल करे।

समिति ने यह भी कहा कि घरेलू विमान विनिर्माण के तहत मंत्रालय हल्के हेलीकॉप्टर (एलयूएच) के नागरिक संस्करण के विकास के संबंध में उपयोगिता और अन्य प्रक्रियात्मक मुद्दों को तेज करे।

समिति ने कहा कि नागरिक उड्डयन विनिर्माण बाजार में ‘‘मेड इन इंडिया’’ उत्पाद एलयूएच की उपलब्धता से यह सुनिश्चित होगा कि घरेलू खरीदारों को नागरिक हेलीकॉप्टरों के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क नहीं करना पड़ेगा और इस प्रकार विदेशी मुद्रा की बचत होगी और साथ ही भारत में ही असैन्य हेलीकॉप्टर निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सीप्लेन नीति तैयार करने की तत्काल आवश्यकता को पूरा करने के लिए राज्य सरकार से संपर्क करने की प्रतीक्षा करने की बजाय व्यवहार्यता अध्ययन के लिए संबंधित राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज सकता है।

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