ताजा खबरें | वर्ष 2022-23 में सौ रुपये कमाने के लिए सरकार ने 98.10 रुपये खर्च किए: वैष्णव
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. रेलवे ने कोविड-19 महामारी के बाद 2022-23 में 98.10 प्रतिशत के परिचालन अनुपात के साथ 2,40,177 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक कुल राजस्व हासिल किया।
नयी दिल्ली, दो फरवरी रेलवे ने कोविड-19 महामारी के बाद 2022-23 में 98.10 प्रतिशत के परिचालन अनुपात के साथ 2,40,177 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक कुल राजस्व हासिल किया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में यह भी कहा कि रेलवे ने 2022-23 में 100 रुपये कमाने के लिए 98.10 रुपये खर्च किए।
वैष्णव प्रश्नकाल के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सदस्य जवाहर सरकार द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब दे रहे थे। सरकार ने पूछा था कि क्या भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि भारतीय रेलवे वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान ‘चिंताजनक’ स्थिति में पहुंच गया था।
टीएमसी नेता ने मंत्री से पिछले पांच वर्षों में रेलवे का वर्षवार परिचालन अनुपात प्रदान करने के लिए कहा और पूछा कि क्या रेलवे ने 2021-22 में 100 रुपये कमाने के लिए 107 रुपये खर्च किए हैं?
इसके जवाब में वैष्णव ने कहा कि कैग ने 2023 की अपनी तेरहवीं रिपोर्ट में मार्च 2022 के अंत तक रेलवे के वित्त की जांच की और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं।
उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2021-22 में भी कोविड-19 के चलते हुई परेशानियों से रेलवे संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके बावजूद रेलवे ने 2020-21 में 1,40,783 करोड़ रुपये की तुलना में 1,91,367 करोड़ रुपये की कुल प्राप्तियां हासिल कीं, यानी 50,584 करोड़ रुपये का राजस्व।’’
उन्होंने कहा कि कोविड-19 अवधि के बाद, रेलवे ने 2022-23 में 98.10 प्रतिशत के परिचालन अनुपात (ओआर) के साथ 2,40,177 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक कुल राजस्व हासिल किया।
मंत्री द्वारा उपलब्ध कराए गए पांच साल के आंकड़ों से पता चलता है कि रेलवे ने 100 रुपये कमाने के लिए 2018-19 में 97.30 रुपये, 2019-2020 में 98.36 रुपये और 2020-2021 में 97.45 रुपये खर्च किए।
ब्रजेन्द्र
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