सरकार ने 2,682 करोड़ रुपये के दलहन, तिलहन की खरीद की

   जब फसल की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चली जाती हैं तब राज्य सरकारों के अनुरोध पर पीएसएस को लागू किया जाता है।

जमात

नयी दिल्ली, पांच मई सरकार ने मंगलवार को कहा कि मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत उसने चालू रबी विपणन सत्र के दौरान अब तक किसानों से 2,682 करोड़ रुपये के लगभग 2.61 लाख टन दलहन और 3.17लाख टन तिलहनों की खरीद की है।

   जब फसल की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चली जाती हैं तब राज्य सरकारों के अनुरोध पर पीएसएस को लागू किया जाता है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नेफेड जैसी नोडल एजेंसियों द्वारा उचित औसत गुणवत्ता वाली दलहन और तिलहन जैसी जिंसें खरीदी जाती है।

हालांकि, कोविड-19 महामारी को देखते हुए, रबी फसलों के लिए पीएसएस के तहत दैनिक खरीद की सीमा 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रतिदिन कर दी गई है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तिलहन और दलहनों को एमएसपी मूल्य पर खरीदा जा रहा है। अब तक 2,682 करोड़ रुपये की खरीद की गयी है, जिससे 3,25,565 किसान लाभान्वित हुए हैं।

कुल खरीद में से अब तक मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे छह राज्यों में 1-2 मई तक लगभग 14,859 टन दलहन और 6,706 टन तिलहन खरीदे गए थे।

मंत्रालय के दूसरे अनुमान के अनुसार, वर्ष 2019 के रबी सत्र के दौरान दलहन और तिलहन उत्पादन क्रमशः एक करोड़ 51.1 लाख टन और एक करोड़ 7.5 लाख टन होना आंका गया है।

मंत्रालय के अनुसार, राज्य द्वारा संचालित एजेंसियों ने अब तक मुख्य रबी फसल, गेहूं की 181.36 लाख टन की खरीद की है।

कोविड-19 संकट के बीच, किसान खरीफ (ग्रीष्मकालीन) फसलों की बुवाई कर रहे हैं जहां रबी फसलों की कटाई हो चुकी है।

मुख्य खरीफ फसल धान की बुवाई अब तक 34.80 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो कि एक साल पहले की अवधि के 25.26 लाख हेक्टेयर से कहीं अधिक है।

दालों के मामले में भी, बुवाई का रकबा पहले के 5.44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.77 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि इसी अवधि में मोटे अनाज के खेती का रकबा 5.49 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.12 लाख हेक्टेयर हो गया।

तिलहन खेती का रकबा पिछले साल के सात लाख हेक्टेयर बढ़कर चालू खरीफ सत्र में अब तक 8.87 लाख हेक्टेयर हो गया है।

खरीफ फसलों की बुवाई सामान्य रूप से जून से दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ होती है।

भारत मौसम विभाग ने इस साल सामान्य मानसून की भविष्यवाणी की है। देश का 52 प्रतिशत कृषि क्षेत्र सिंचाई के लिए वर्षा पर आश्रित है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार, कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लॉकडाऊन अवधि के दौरान किसानों और खेती के कामकाज को सुविधाजनक बनाने के लिए कई उपाय कर रही है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (प्रधानमंत्री-किसान) योजना के तहत, सरकार ने लॉकडाउन अवधि के दौरान 18,134 करोड़ रुपये का वितरण किया है, जिससे 9.06 करोड़ किसानों को लाभ हुआ है।

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