देश की खबरें | भूवैज्ञानिकों ने भूकंपीय झटकों के बावजूद दक्कन के पठार को सुरक्षित क्षेत्र बताया

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बेंगलुरु, 10 जुलाई भूवैज्ञानिकों ने कहा है कि कर्नाटक के कुछ हिस्सों में सिलसिलेवार भूकंपीय गतिविधियों के चलते चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि दक्कन का पठार एक सुरक्षित क्षेत्र है।

कोडागु और आसपास के जिलों-हासन, शिवमोगा, चिकमगलुरु और दक्षिण कन्नड़ के अलावा विजयपुरा और उत्तरी कर्नाटक के क्षेत्रों में झटके 26 जून से महसूस किए गए हैं।

महाराष्ट्र की सीमा से लगे विजयपुरा में शनिवार को रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई तथा दक्षिण कर्नाटक में रविवार सुबह 1.8 तीव्रता का एक और भूकंप महसूस किया गया।

कोडागु में भूस्खलन की कई घटनाओं की सूचना है और तीन दिन पहले एक घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। अफगानिस्तान में आए एक बड़े भूकंप में कई लोगों की मौत के बाद से भूकंपीय गतिविधियां अधिक दिखने लगी हैं।

कर्नाटक में झटकों के बाद भूवैज्ञानिक एकमत होकर कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दक्कन का पठार भूकंपीय रूप से एक सुरक्षित क्षेत्र है।

विशेषज्ञों का यह भी मत है कि ये झटके आवश्यक थे, क्योंकि भू-हलचल के कारण उत्पन्न दबाव हल्के झटके के रूप में निकल रहा है।

खान एवं भूविज्ञान विभाग में संयुक्त निदेशक डॉ. लक्ष्माम्मा ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘भूकंप एक क्षेत्रीय घटना नहीं है। भारतीय उपमहाद्वीप हमेशा गतिशील रहता है। हर साल उपमहाद्वीप आधा सेंटीमीटर आगे बढ़ रहा है। इसलिए कुछ आंतरिक हलचल सदैव रहेगी।’’

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