नयी दिल्ली, छह मार्च जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने कारोबारों को इलेक्ट्रॉनिक बिल (ई-बिल) के पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं देने के लिए ईवाई और आइरिस बिजनेस समेत चार निजी कंपनियों को पैनल में शामिल किया है।
दस करोड़ रुपये या उससे ज्यादा कारोबार वाली फर्मों को अन्य फर्मों के साथ सभी तरह के लेनदेन के लिए ई-बिल का इस्तेमाल करना पड़ता है।
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के दायरे में आने वाले करदाता ई-बिलों का जीएसटीएन पर पंजीकरण करने के लिए अब तक सिर्फ सरकारी पोर्टल का ही उपयोग कर सकते थे। लेकिन अब उनके पास चार अन्य विकल्प भी होंगे।
जीएसटीएन ने एक परामर्श जारी करते हुए कहा, “सभी जीएसटी करदाताओं को ई-बिल पंजीकरण सेवाएं देने के लिए चार निजी कंपनियों- क्लियर टैक्स, सिग्नेट, ईएंडवाई और आइरिस बिजनेस लिमिटेड को पैनल में शामिल किया गया है।”
जीएसटी प्रणाली के प्रौद्योगिकी नेटवर्क जीएसटीएन ने कहा कि निजी कंपनियों को सूचीबद्ध करने से ई-बिल पंजीकरण की क्षमता बढ़ जाएगी।
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