देश की खबरें | भाजपा शासन के दौरान बीबीएमपी के कामों की जांच करेंगी आईएएस अफसरों की अध्यक्षता वाली चार समितियां

बंगलुरु, सात अगस्त कर्नाटक सरकार ने वर्ष 2019 से 2023 तक भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के शासन में रहने के दौरान बेंगलुरु महानगर पालिका में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए आईएएस अधिकारियों की अगुवाई में चार समितियों का गठन किया है।

कर्नाटक सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने अपने आदेश में बताया कि नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया और ठेकेदारों से शहर की नगर निकाय, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका(बीबीएमपी) में विस्तृत भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

आदेश में बताया गया कि शिकायतों में बिलों के भुगतान, निविदाओं और सार्वजनिक कार्यों में अनियमितताओं के बारे में कहा गया है।

पहली समिति की अध्यक्षता उज्ज्वल कुमार घोष करेंगे जोकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में हुई अनियमितताओं की जांच करेगी। अमलान अदित्य बिस्वास की अगुवाई में दूसरी समिति प्रमुख सड़क कार्यों और ऑप्टिकल फाइबर के तार बिछाने के लिए दी गई स्वीकृति में कथित भ्रष्टाचार की जांच करेगी।

आदेश के अनुसार, डॉ. पी. सी. जाफर की अध्यक्षता वाली एक समिति प्रमुख बरसाती नालों और नगर नियोजन विभाग में नक्शों के अनुमोदन में कथित अनियमितताओं की जांच करेगी। डॉ. विशाल आर के नेतृत्व वाली चौथी समिति झील विकास, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए गए कार्यों और वार्ड स्तर के कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच करेगी।

सरकार के आदेश में कहा गया है कि ये समितियां देखेंगी कि कार्यों के दौरान वैधानिक अनुपालन की मांग की गई थी या नहीं। वहीं इस चीज की भी जांच की जाएगी कि क्या ठेके देते समय और कार्य करते हुए कर्नाटक पारदर्शिता अधिनियम का अनुपालन किया गया था।

समितियां देखेंगी की मूल कार्य आदेश क्या थे और उन्हें किस तरह पूरा गया था। परियोजनाओं की प्रारंभिक लागत और इसमें हुई मूल्य वृद्धि की भी जांच की जाएगी।

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