देश की खबरें | मुंबई की महिला समेत चार फरार आरोपी 71 करोड़ के ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश पुलिस ने सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए की करीब 71 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में मुंबई की 40 वर्षीय महिला समेत चार फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही प्रकरण में पिछले छह माह के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 33 पर पहुंच गई है।

इंदौर, छह जुलाई मध्य प्रदेश पुलिस ने सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए की करीब 71 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में मुंबई की 40 वर्षीय महिला समेत चार फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही प्रकरण में पिछले छह माह के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 33 पर पहुंच गई है।

पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मनीष कपूरिया ने इंदौर में मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि मुंबई से महजबीं शेख (40), सलीम चौधरी (42), जुबेर हलाई (42) और अनवर लाला (38) को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि चारों व्यक्ति मुंबई के ही रहने वाले हैं और वे इंदौर के रास्ते करीब 71 करोड़ रुपये मूल्य के एमडीएमए की तस्करी के मामले में फरार थे।

डीआईजी ने बताया, "हमें पता चला है कि आरोपियों में शामिल महिला (महजबीं) और उसके साथियों के तार मुंबई के अमीर और प्रभावशाली तबके के लोगों को नशीले पदार्थ मुहैया कराने वाले अपराधियों से जुड़े हैं। हम इसकी तसदीक कर रहे हैं।"

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के रास्ते ड्रग तस्करी के मामले में पांच जनवरी से लेकर अब तक गिरफ्तार 33 आरोपियों से कुल 70.74 किलोग्राम एमडीएमए बरामद किया गया है। इसकी कीमत लगभग 71 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। आरोपियों से 13 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी के साथ पांच कारें और 40 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक एमडीएमए को "एक्स्टसी" और "म्याऊं-म्याऊं" के नाम से भी जाना जाता है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पब, जिम, डिस्को, डांस बार और पार्टियों में उपयोग के लिए भी इस नशीले पदार्थ की आपूर्ति की बात कबूली है।

अधिकारियों ने बताया कि बड़े ड्रग गिरोह की परतें तब खुलनी शुरू हुईं, जब मध्य प्रदेश पुलिस ने हैदराबाद के एक दवा कारखाना संचालक समेत पांच तस्करों को पांच जनवरी को इंदौर में गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 70 किलोग्राम एमडीएमए जब्त किया था।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रकरण की जांच के दौरान पता चला कि हैदराबाद के इस कारखाने में बना एमडीएमए पहले इंदौर भेजा जाता था और बाद में इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जाता था।

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