कोलंबो, 24 अगस्त श्रीलंका के पूर्व स्पीकर कारू जयसूर्या ने हालिया संसदीय चुनाव में जबरदस्त हार के कारण विपक्षी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) का नेतृत्व करने की पेशकश की है ।
अगले महीने 80 साल के हो रहे जयसूर्या ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को सूचित किया है कि वह यूएनपी का नेतृत्व करने में सक्षम हैं ।
यह भी पढ़े | पाकिस्तान ने कराची में हनुमान मंदिर और हिंदू घरों को किया ध्वस्त, पुलिस ने जांच कर इलाके को किया सील.
जयसूर्या ने कहा, ‘‘मौजूदा जटिल हालात के मद्देनजर मैंने विभिन्न हलकों से आए कई अनुराधों पर गंभीरता से विचार किया । मैंने पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं को सूचित किया है कि मैं पार्टी का नेतृत्व करने में सक्षम हूं । ’’
श्रीलंका की सबसे पुरानी पार्टी यूएनपी की स्थापना 1946 में हुई थी। पांच अगस्त को हुए संसदीय चुनाव में पार्टी को कुल वोटों में से महज दो प्रतिशत वोट मिले ।
यह भी पढ़े | चीन में टायफून बावी लाएगा आंधी-तूफान, यलो अलर्ट जारी: NMC.
पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे 1994 से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं । उनके 43 साल के राजनीतिक सफर में पहली बार पार्टी को संसद में एक भी सीट नहीं मिली।
यूएनपी से अलग हुए पूर्व उप नेता सजित प्रेमदास की एसजेबी दूसरे स्थान पर रही और चुनावों में 23 प्रतिशत वोट हासिल कर मुख्य विपक्षी पार्टी बन गयी।
प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के नेतृत्व वाली श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) ने चुनाव में जोरदार जीत हासिल की। एसएलपीपी और उसकी सहयोगी पार्टियों ने 225 सदस्यीय संसद में रिकॉर्ड 150 सीटें जीत ली ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY