जोधपुर, नौ मई राजस्थान उच्च न्यायालय ने सहकारी बैंकों और समितियों द्वारा ऋण वितरण और कर्ज माफी से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर राज्य के विभिन्न जिलों में दर्ज सभी 16 प्राथमिकी की जांच के लिए एक टीम गठित करने का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) को निर्देश दिया है।
टीम सभी प्राथमिकी की जांच कर अपनी अंतिम रिपोर्ट पुलिस को सौंपेगी ताकि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई और न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने राज्य में सहकारी बैंकों के साथ-साथ सहकारी समितियों द्वारा ऋण वितरण और ऋण माफी में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए।
पीठ ने सुनवाई की अगली तारीख पर स्थिति रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है।
राजस्थान सहकारिता विभाग के संयुक्त मुख्य लेखा परीक्षक ने लेखापरीक्षा की कार्यवाही की और सहकारी बैंकों एवं सहकारी समितियों द्वारा ऋण वितरण तथा ऋण माफी में बड़ी संख्या में अनियमितताओं को उजागर किया।
अदालत ने उस समय, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को उन सहकारी समितियों और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं पेश की गई है।
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