देश की खबरें | विदेशी दूतों ने पाकिस्तान से संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस की निंदा करने का आग्रह किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश में विभिन्न दूतावासों के प्रमुखों ने पाकिस्तान पर मंगलवार को दबाव डाला कि वह रूस के खिलाफ एक प्रस्ताव के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के आपातकालीन विशेष सत्र में ‘‘यूक्रेन पर रूसी हमले’’ की निंदा करे।
इस्लामाबाद, एक मार्च देश में विभिन्न दूतावासों के प्रमुखों ने पाकिस्तान पर मंगलवार को दबाव डाला कि वह रूस के खिलाफ एक प्रस्ताव के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के आपातकालीन विशेष सत्र में ‘‘यूक्रेन पर रूसी हमले’’ की निंदा करे।
एक संयुक्त बयान में, जर्मनी, फ्रांस, इटली और जापान, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित यूरोपीय संघ के अन्य देशों के दूतावास प्रमुखों ने बताया कि रूस ने ‘‘बिना किसी उकसावे के और एक शांतिपूर्ण पड़ोसी देश पर हमला किया।’’
पाकिस्तान में डेनमार्क की राजदूत लिस रोसेनहोम ने कहा, ‘‘इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान के दूतावास प्रमुखों के रूप में हम पाकिस्तान से यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की निंदा करने और संयुक्त राष्ट्र संहिता तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के मार्गदर्शक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए प्रस्ताव में शामिल होने का आग्रह करते हैं।’’
यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता पर प्रस्ताव के लिए 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सोमवार को दुर्लभ और अभूतपूर्व आपातकालीन विशेष सत्र आहूत किया। इससे पहले 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में रविवार को मतदान हुआ।
बयान में कहा गया है कि रूस ने यूक्रेन के खिलाफ बिना किसी उकसावे के सैन्य कार्रवाई शुरू की, जबकि उसे कोई खतरा नहीं था। बयान में कहा गया, ‘‘यह संयुक्त राष्ट्र संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पेश करता है।’’
दूतों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुटता और समर्थन के साथ काम करना चाहिए तथा ‘‘इन चरम समय में’’ नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखना चाहिए।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य दूतों में पाकिस्तान में ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, ग्रीस, हंगरी, पुर्तगाल, पोलैंड, रोमानिया, स्पेन, स्वीडन, नीदरलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ-साथ यूरोपीय संघ प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख शामिल हैं। कनाडा, ब्रिटेन के उच्चायुक्त और पाकिस्तान में ऑस्ट्रेलिया के उप राजदूत भी पत्र के हस्ताक्षरकर्ता हैं।
यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस की कार्रवाई की निंदा करने के साथ-साथ उसकी आक्रामकता को समाप्त करने के लिए एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान से पहले आया है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, पक्ष लेने से बचने के लिए पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में मतदान से दूर रह सकता है।
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