देश की खबरें | तोक्यो ओलंपिक के बाद सीमित खिलाड़ियों पर ध्यान देना फायदेमंद रहा: निशानेबाजी कोच दीपाली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ... अमित आनंद...

... अमित आनंद...

नयी दिल्ली, 17 जनवरी ओलंपिक पदक विजेता स्वप्निल कुसाले सहित कई निशानेबाजों की वैश्विक सफलता में अहम योगदान देने वाली पूर्व खिलाड़ी और कोच दीपाली देशपांडे ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक में इस खेल में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन्होंने सीमित संख्या में खिलाड़ियों के साथ काम करने का फैसला किया।

कई वर्षों तक ओलंपिक, विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता निशानेबाजों को प्रशिक्षण देने वाली दीपाली को शुक्रवार को यहां द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

दीपाली के शिष्यों में स्वप्निल के साथ अर्जुन बबूता, अंजुम मौदगिल, अखिल श्योराण, सिफत कौर सामरा और श्रीयंका शदांगी भी शामिल है।

स्वप्निल ने पेरिस ओलंपिक में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में कांस्य पदक मिला और इस वर्ग में पदक जीतने वाले वह पहले भारतीय निशानेबाज है।

दीपाली ने दोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद कहा कि तोक्यो ओलंपिक के बाद उन्होंने सिर्फ छह निशानेबाजों के साथ काम करना शुरू किया।

दीपाली ने कहा, ‘‘ हम 2016 (रियो ओलंपिक) के बाद 2021(तोक्यो) से हम खाली हाथ लौटे थे। इसके बाद मुझे लगा कि ओलंपिक पदक के सपने को साकार करने के लिए आपको कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार रहना होगा। आपकी यही मानसिकता होनी चाहिये और मेरी मानसिकता में भी यह बड़ा बदलाव आया था। मैंने इसी के अनुसार काम किया।’’

एशियाई चैम्पियनशिप (2004, कुआलालंपुर) की रजत पदक विजेता इस पूर्व निशानेबाज ने कहा, ‘‘तोक्यो के बाद ढाई साल तक मैंने पूरी तरह से छह निशानेबाजों (स्वप्निल सहित) पर ध्यान केंद्रित किया और यह वास्तव में काम आया। मैं चाहती थी कि बिना किसी दिखावे के अपना काम जारी रखू।’’

उन्होंने कहा कि राइफल निशानेबाजी में खिलाड़ियों की तकनीक अच्छा होना सबसे अहम है।

इस 55 साल की कोच ने कहा, ‘‘एक कोच के रूप में मुझे पहले खिलाड़ियों का विश्वास हासिल करना था ताकि वे वे मेरी बात सुनें या मुझसे सहमत होंगे। राइफल निशानेबाजी एक बहुत ही तकनीकी खेल है और अगर तकनीकी चीज मजबूत हो जाती है तो बाकी सब कुछ अपने आप सही हो जाता है।’’

दीपाली ने कहा कि भारत के पास बेहतरीन निशानेबाजों की कोई कमी नहीं है और आने वाले दिनों में हमारे खिलाड़ी और वैश्विक सफलता हासिल करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘अब हमारे पास प्रतिभाशाली निशानेबाजों की अच्छी संख्या है। तोक्यो ओलंपिक के समय ऐसी स्थिति नहीं थी। अब बहुत सारे निशानेबाज हैं जो वास्तव में विश्व स्तर की तरह अच्छे हैं। अब जाने माने खिलाड़ी कोचिंग के क्षेत्र में आ रहे है और इससे बहुत मदद मिल रही है।"

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

New Zealand vs India, 3rd T20I Match Live Scorecard Update: वेलिंगटन में सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरी है टीम इंडिया, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

Team India vs New Zealand T20I Stats At Henry Stadium: वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में कुछ ऐसा रहा है टीम इंडिया और न्यूजीलैंड का प्रदर्शन, इन बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने मचाया धमाल; यहां जानें इस मैदान के दिलचस्प आंकड़े और अहम जानकारी

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? वेलिंगटन में न्यूजीलैंड बनाम भारत के तीसरे टी20 मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

India vs New Zealand 3rd T20I Match Toss Winner Prediction: वेलिंगटन में टीम इंडिया बनाम न्यूजीलैंड के बीच कौन होगा टॉस का बॉस? मैच से पहले जानें किस टीम का पलड़ा है भारी